जौनपुर : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के बड़े रैकेट में वांछित चल रहे अपने ही पूर्व सिपाही आलोक प्रताप सिंह को मंगलवार देर रात लखनऊ से धर दबोचा। आलोक पिछले कई महीनों से फरार था और उसके खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका था।
सूत्रों के अनुसार आलोक सिंह सरेंडर करने की योजना बना रहा था, लेकिन STF की खुफिया टीम को उसकी लोकेशन का पता चल गया। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथी शुभम जायसवाल का पिता भोला प्रसाद जायसवाल भी इसी मामले में रविवार को कोलकाता एयरपोर्ट से थाईलैंड भागते वक्त पकड़ा गया था। भोला प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद आलोक के विदेश भागने की आशंका बढ़ गई थी, लेकिन STF ने उससे पहले ही उसे दबोच लिया।
फर्जी मेडिकल फर्म के जरिए चल रहा था खेल
जांच में सामने आया है कि आलोक प्रताप सिंह ने वाराणसी में जनवरी 2024 में “मां शारदा मेडिकल” नाम की एक फर्म रजिस्टर कराई थी। कागजों पर इस फर्म ने लाखों रुपये का कारोबार दिखाया, लेकिन असल में यह कोडीन बेस्ड कफ सिरप की कालाबाजारी और फर्जी बिलिंग का अड्डा थी।
आलोक का सीधा संपर्क पहले गिरफ्तार हो चुके वाराणसी के अमित टाटा से भी था। दोनों मिलकर इस नेटवर्क को मजबूत कर रहे थे। मुख्य सरगना शुभम जायसवाल इस समय दुबई में फरार बताया जा रहा है।
जौनपुर के बाहुबली का भी नाम आया सामने
सूत्र बता रहे हैं कि इस पूरे सिंडिकेट को जौनपुर का एक कुख्यात बाहुबली संरक्षण दे रहा था। उसके साथ इनके कारोबारी रिश्ते भी थे। सिर्फ कुछ सालों में आलोक सिंह ने करोड़ों रुपये की संपत्ति बना ली थी। अब STF उसकी सभी चल-अचल संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही है।
इस मामले में अब तक कई बड़े नाम सामने आ चुके हैं और जांच अभी जारी है। STF का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट के बाकी फरार आरोपियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

