जौनपुर। पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण जीवन को संजीवनी देने की दिशा में बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए लुप्तप्राय “पीली नदी” के पुनरोद्धार का संकल्प लिया है। यह पहल न केवल प्रकृति के संरक्षण की ओर एक मजबूत कदम है, बल्कि क्षेत्र की कृषि, जलस्तर और जैवविविधता को भी पुनर्जीवित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
“बदलापुर संकल्पित, पीली नदी संरक्षित” — जनआंदोलन की ओर पहला कदम
11 जून को जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र के साथ विशेष बैठक कर इस अभियान की रणनीति तैयार की गई और 12 जून को कवेली गांव से वैदिक विधियों के साथ भूमिपूजन कर अभियान का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया। जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की सहायता से नदी के किनारों की सफाई और खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया है।
विधायक ने स्पष्ट किया कि यह प्रयास केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक भागीदारी वाला अभियान होगा। इसके तहत नदी के प्रवाह वाले सभी गांवों के स्थानीय नागरिकों, युवाओं, समाजसेवियों और संस्थाओं को जोड़ा जाएगा, ताकि यह आंदोलन जनभागीदारी से सशक्त हो।
पीली नदी का ऐतिहासिक महत्व और भूगोल
70 किलोमीटर लंबी पीली नदी का उद्गम सुल्तानपुर जनपद के तातो मुरैनी ताल से होता है। यह प्रतापगढ़ होते हुए बदलापुर विधानसभा के दर्जनों गांवों—केवटली, डेहुणा, लालगंज, बहुर, करनपुर, ऊदपुरगेल्हवा, चकमोलनापुर, रारीकला—से गुजरती है और अंत में गोमती नदी में समाहित हो जाती है।
नदी की सुखती धारा ने बीते वर्षों में भूजल स्तर को तेजी से नीचे गिरा दिया था, जिससे कृषि, पशुपालन और जैवविविधता बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों ने समय-समय पर शासन-प्रशासन से नदी को पुनर्जीवित करने की मांग की थी, जिसे अब विधायक ने गंभीरता से लिया है।
संकल्प से समृद्धि की ओर
विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने कहा कि वर्षा में कमी और जल प्रबंधन की विफलता के कारण इस जीवनदायिनी नदी का अस्तित्व संकट में है। उनका मानना है कि नदी में निरंतर जल प्रवाह, तटवर्ती वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों से यह धारा फिर से जीवनदायिनी बन सकेगी।
इस मुहिम को केवल प्रशासनिक योजना न बनाकर, एक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक गांव के लोगों को जागरूक किया जाएगा और उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
पर्यावरण और भविष्य दोनों के लिए एक नई शुरुआत
बदलापुर विधानसभा क्षेत्र में प्रवाहित गोमती और पीली नदी यहां के जनजीवन की धड़कन हैं। पीली नदी का संरक्षण न केवल जल स्तर को बढ़ाएगा, बल्कि गांवों में हरियाली लाएगा, पशु-पक्षियों को आश्रय और किसान को संबल मिलेगा।
इस सराहनीय पहल से क्षेत्रवासियों में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई है। सभी की निगाहें अब इस पवित्र संकल्प की सफलता पर टिकी हैं, जो बदलापुर को नदियों के संरक्षण के क्षेत्र में आदर्श बना सकती है।

