- ओमकार त्रिपाठी (अखंड राष्ट्र)
11 जून 2025 को पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि मनाई गई। दौसा के जीरोता गांव में उनके स्मारक पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ, जिसमें सचिन पायलट, अशोक गहलोत, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस के आठ सांसद, 25 विधायक और कई पूर्व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर #राजेशपायलटअमर_रहे ट्रेंड कर रहा था, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है।
राजेश पायलट, जिनका मूल नाम राजेश्वर प्रसाद बिधूड़ी था, का जन्म 10 फरवरी 1945 को गाजियाबाद के वेदपुरा गांव में एक गुर्जर परिवार में हुआ। गरीबी में पले-बढ़े, उन्होंने दूध बेचकर और कठिन परिश्रम से पढ़ाई पूरी की। 1966 में भारतीय वायुसेना में पायलट बने और 1971 के भारत-पाक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर उन्होंने वायुसेना छोड़कर 1979 में राजनीति में कदम रखा। 1980 में भरतपुर और बाद में दौसा से कई बार सांसद चुने गए। राजीव गांधी के शासनकाल में वे भूतल परिवहन राज्यमंत्री बने और किसानों के हित में काम किया।
पायलट का व्यक्तित्व सादगी और साहस का प्रतीक था। उन्होंने गुर्जर समाज और कमजोर वर्गों की आवाज उठाई। 11 जून 2000 को जयपुर-आगरा हाईवे पर एक सड़क हादसे में उनका असामयिक निधन हो गया, जिससे देश में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी पुण्यतिथि पर सचिन पायलट ने कहा कि उनके पिता के विचार और सिद्धांत उनकी प्रेरणा हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाड़मेर, भरतपुर और कोटा में भी गायों को चारा खिलाने और बच्चों को भोजन वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए।

