13 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से रोजगार मेले के 16वें चरण का शुभारंभ किया, जिसमें 51,000 युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरियां प्रदान की गईं। यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान और युवा सशक्तिकरण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर आर्थिक विकास को गति देना है। नियुक्तियां रेलवे, डाक, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और गृह मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में की गई हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह मेले न केवल युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे, बल्कि देश की प्रगति और विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये नियुक्तियां मेरिट-आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की गई हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिले। इस चरण में 60% से अधिक नियुक्तियां ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को दी गईं, जो सरकार की समावेशी विकास नीति को दर्शाता है।
रोजगार मेले के तहत युवाओं को विभिन्न पदों, जैसे जूनियर इंजीनियर, तकनीशियन, क्लर्क, नर्स और सुरक्षा कर्मी, के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे गए। पीएम ने कहा कि ये नौकरियां न केवल व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देंगी, बल्कि राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे और सेवाओं को भी मजबूत करेंगी। सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नियुक्ति पत्र वितरित किए, जिससे प्रक्रिया को और अधिक कुशल बनाया गया। विपक्ष ने इस पहल को आगामी चुनावों से पहले का “प्रचार स्टंट” करार दिया, लेकिन सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और योग्यता-आधारित है। रोजगार मेले की इस पहल ने बेरोजगारी की चुनौती से निपटने में सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है। यह कदम युवाओं में विश्वास जगाने और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

