वाराणसी में 8 जुलाई 2025 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के एक लेखाकार, मुकेश रंजन गुप्ता को गिरफ्तार किया। गुप्ता पर अपने सहकर्मियों के ट्रैवलिंग अलाउंस बिल पास करने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप था। एक सहायक ड्रिलर की शिकायत पर CBI ने जांच शुरू की और गुप्ता को रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई वाराणसी के दीनदयाल बुनकर सेवा केंद्र में की गई। CBI की रिपोर्ट के अनुसार, गुप्ता ने जनवरी 2025 के बिल रोककर रिश्वत की मांग की थी। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के लिए CBI की लखनऊ इकाई को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह घटना वाराणसी में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करती है और CBI की सक्रियता को दर्शाती है।

