भारतीय विमानन उद्योग को इस साल 3,000 करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है, क्योंकि विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटों ने ईंधन की लागत को बढ़ाया है। इससे एयरलाइंस की परिचालन लागत में 30-40% की वृद्धि हुई है। कई कंपनियों ने किराए में बढ़ोतरी की है, जिससे यात्रियों पर बोझ बढ़ रहा है। अहमदाबाद विमान हादसे के बाद सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिसने उद्योग की चुनौतियों को और उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को ईंधन पर करों में कमी और सब्सिडी जैसे कदम उठाने होंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। उद्योग को उम्मीद है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में कुछ राहत मिल सकती है।

