–ओमकार त्रिपाठी
12 मई 2025 को भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। यह खबर भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि कोहली न केवल भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में से एक हैं, बल्कि आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े आइकन भी हैं। 36 वर्षीय कोहली ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक पोस्ट के माध्यम से अपने फैसले की जानकारी दी, जिसमें उन्होंने लिखा, “14 साल पहले जब मैंने पहली बार टेस्ट क्रिकेट में बैगी ब्लू पहनी थी, तब मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह फॉर्मेट मुझे ऐसी यात्रा पर ले जाएगा। इसने मुझे परखा, मुझे गढ़ा और ऐसे सबक सिखाए जो मैं जीवन भर साथ रखूंगा। #269, साइनिंग ऑफ।
कोहली का टेस्ट करियर: एक शानदार सफर
विराट कोहली ने 20 जून 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्सटन में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। अपने 14 साल के टेस्ट करियर में उन्होंने 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 9,230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। उनका औसत 46.85 रहा। कोहली ने 68 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की और 40 जीत हासिल की, जिससे वह भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बने। केवल ग्रीम स्मिथ (53), रिकी पोंटिंग (48) और स्टीव वॉ (41) ने उनसे ज्यादा टेस्ट जीत दर्ज की हैं।
2014 में एमएस धोनी से टेस्ट कप्तानी संभालने के बाद कोहली ने भारतीय टेस्ट टीम को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया। उनके नेतृत्व में भारत ने लगातार दो बार टेस्ट मैस जीता और 2019-21 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई। कप्तान के रूप में कोहली ने 113 पारियों में 5,864 रन बनाए, जिसमें 20 शतक शामिल हैं, जो किसी भी टेस्ट कप्तान के लिए चौथा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
संन्यास का फैसला: एक लंबी सोच का नतीजा
कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का फैसला अचानक नहीं था। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार, कोहली पिछले एक महीने से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ इस बारे में चर्चा कर रहे थे। यह फैसला 2024-25 के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद और पुख्ता हुआ, जहां कोहली का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पर्थ में पहले टेस्ट में नाबाद 100 रन बनाने के बावजूद, वह बाकी चार मैचों में केवल 85 रन ही बना सके, जिससे उनका सीरीज औसत 23.75 रहा। उनके आठ में से सात बार आउट होने का कारण ऑफ-स्टंप के बाहर की गेंदें थीं, जो उनकी तकनीकी कमजोरी को उजागर करती थीं।
कोहली ने मार्च 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के एक इवेंट में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपने प्रदर्शन पर निराशा जताई थी। उन्होंने कहा, “मुझे शायद चार साल बाद फिर से ऑस्ट्रेलिया दौरे का मौका न मिले। मैंने पहले टेस्ट में अच्छा स्कोर किया, सोचा कि यह एक बड़ी सीरीज होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब मुझे इसे स्वीकार करना होगा।
बीसीसीआई की कोशिशें और कोहली का दृढ़ निश्चय
जब कोहली ने बीसीसीआई को अपने संन्यास के इरादे से अवगत कराया, तो बोर्ड ने उन्हें इंग्लैंड के आगामी पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए मनाने की कोशिश की, जो 20 जून 2025 से शुरू होने वाली है। रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास और रविचंद्रन अश्विन के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद, बीसीसीआई को कोहली के अनुभव की सख्त जरूरत थी। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया, “वह अभी भी पूरी तरह फिट हैं और उत्साह से भरे हैं। उनकी ड्रेसिंग रूम में मौजूदगी पूरी टीम का हौसला बढ़ाती है। हमने उनसे अंतिम फैसला लेने से पहले समय लेने का अनुरोध किया है।
हालांकि, टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोहली अपने फैसले पर अडिग रहे। बीसीसी゙आई ने एक प्रभावशाली क्रिकेट हस्ती को भी कोहली को मनाने के लिए भेजा, लेकिन वह अपने रुख से नहीं डटे।
कोहली का सुनहरा दौर और हालिया चुनौतियां
कोहली का टेस्ट करियर 2016 से 2019 तक अपने चरम पर था। इस दौरान उन्होंने 2016 में 75.93, 2017 में 75.64, 2018 में 55.08 और 2019 में 68.00 के औसत से रन बनाए। 2016-18 के बीच, उन्होंने 35 टेस्ट में 3,596 रन बनाए, जिसमें 14 शतक और आठ अर्धशतक शामिल थे। 2018 का इंग्लैंड दौरा उनके करियर का हाईलाइट रहा, जहां उन्होंने 593 रन बनाए, जिसमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल थे।
हालांकि, पिछले पांच सालों में कोहली का फॉर्म गिरावट की ओर रहा। 2020 से 2025 तक, उन्होंने 37 टेस्ट में केवल 1,990 रन बनाए, जिसमें तीन शतक शामिल थे। उनकी औसत इस दौरान 32.56 रही। ऑस्ट्रेलिया में हालिया सीरीज ने उनकी कमजोरियों को और उजागर किया, जिसके बाद उन्होंने संन्यास पर विचार शुरू किया।
भारतीय क्रिकेट पर प्रभाव
कोहली के संन्यास के साथ ही रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे सीनियर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में भारतीय टेस्ट टीम को एक बड़े बदलाव से गुजरना होगा। शुभमन गिल को टेस्ट कप्तानी का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, जबकि यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और रविचंद्रन जडेजा जैसे खिलाड़ी अब बैटिंग ऑर्डर की जिम्मेदारी संभालेंगे।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने कोहली से संन्यास पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा, “इंग्लैंड का दौरा किसी भी टेस्ट टीम के लिए सबसे कठिन चुनौती है। रोहित के जाने के बाद कोहली का अनुभव अमूल्य है। वह भारत के ‘नाइट इन शाइनिंग आर्मर’ हैं।” सिद्धू ने 1987 विश्व कप के दौरान सुनील गावस्कर के एक किस्से का जिक्र किया, जब गावस्कर ने बुखार के बावजूद खेलकर टीम का हौसला बढ़ाया था।
प्रशंसकों और दिग्गजों की प्रतिक्रिया
कोहली के संन्यास की खबर ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। वेस्टइंडीज के दिग्गज ब्रायन लारा ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “टेस्ट क्रिकेट को विराट की जरूरत है! वह बाकी करियर में 60 से ऊपर औसत निकालेंगे।” वहीं, सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने कोहली के फैसले का सम्मान किया, जबकि कुछ ने उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए खेलने की गुजारिश की।
कोहली का भविष्य
कोहली ने पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, जब भारत ने 2024 में टी20 विश्व कप जीता था। अब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद, वह केवल वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। हाल ही में आईपीएल 2025 में कोहली ने 11 पारियों में 505 रन बनाए, जिसमें सात अर्धशतक शामिल थे, जिससे यह साफ है कि वह अभी भी शानदार फॉर्म में हैं।
कोहली ने संन्यास के बाद अपने प्लान के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया, लेकिन उन्होंने पहले कहा था कि वह रिटायरमेंट के बाद ज्यादा यात्रा करना चाहेंगे।
विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास भारतीय क्रिकेट के एक युग का अंत है। उनकी आक्रामकता, जुनून और रन बनाने की भूख ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। हालांकि, उनका फैसला उनके करियर के उस पड़ाव को दर्शाता है, जहां वह अपनी शर्तों पर खेल को अलविदा कहना चाहते थे। इंग्लैंड दौरे से पहले भारत के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है, लेकिन कोहली की विरासत हमेशा भारतीय क्रिकेट को प्रेरित करती रहेगी।

