जौनपुर ।“जहां चाह, वहां राह”—इस कहावत को साकार कर दिखाया है कचगांव निवासी विशाल मिश्रा ने। महज 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) पद पर चयनित होकर न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरे गांव और जिले का मान बढ़ाया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
विशाल मिश्रा, स्व. राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक राधे मोहन मिश्रा के पोते और नरेंद्र प्रसाद मिश्रा व क्षमा मिश्रा के पुत्र हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा प्रकाश ग्लोबल स्कूल से हुई और आगे की शिक्षा उन्होंने बीएचयू से बीए व एमए करके पूरी की। शिक्षा के प्रति उनकी गंभीरता और कठिन परिश्रम ही इस सफलता की नींव बना।
गांववासियों का कहना है कि विशाल ने सीमित संसाधनों में भी अपनी लगन और अनुशासन के बल पर यह उपलब्धि हासिल की। वे आज युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है।
परिजनों में खुशी का माहौल है। पिता नरेंद्र प्रसाद मिश्रा और माता क्षमा मिश्रा ने गर्व से कहा, “हमारा बेटा शुरू से ही मेहनती रहा है, आज उसकी मेहनत रंग लाई है।”
इस अवसर पर महेन्द्र मिश्रा, सत्येन्द्र मिश्रा, सत्य प्रकाश, राजेश, संतोष, मनोज समेत अन्य ग्रामीणों ने उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दीं और उज्जवल भविष्य की कामना की।
विशाल की सफलता क्षेत्र के हर उस युवा को प्रेरित करती है जो सपने देखता है और उन्हें साकार करने का हौसला रखता है।

