एटा, उत्तर प्रदेश के जिला मुख्यालय स्थित वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी मेडिकल कॉलेज एटा में बुधवार को शासन द्वारा नामित निरीक्षण टीम पहुंची। उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश पर मेरठ से डॉ. ज्ञानेश टोन और ग्रेटर नोएडा से डॉ. सौरभ कॉलेज की व्यवस्थाओं की जांच के लिए पहुंचे। निरीक्षण के दौरान टीम ने ओपीडी, इमरजेंसी, लैब सहित विभिन्न विभागों का गहन निरीक्षण किया और मरीजों से इलाज संबंधी जानकारी भी ली।
निरीक्षण के समय कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल, सीएमएस सुरेश चंद्रा सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। टीम ने सभी विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और कुछ कमियों को जल्द सुधारने के निर्देश भी दिए। समग्र व्यवस्था को लेकर टीम ने संतोष व्यक्त किया।
हालांकि, सबसे चौंकाने वाला पल तब आया जब मीडिया ने निरीक्षण के बाद मेरठ से आए डॉ. ज्ञानेश टोन से व्यवस्थाओं पर प्रतिक्रिया मांगी। सवाल सुनते ही उन्होंने सिर्फ “धन्यवाद” कहकर संवाददाताओं से दूरी बना ली और तुरंत वहां से चले गए। उनका इस तरह सवालों से बचना और जवाब न देना जांच की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जनता और मीडिया की नजर में यह व्यवहार जांच प्रक्रिया की गंभीरता और निष्पक्षता पर संदेह पैदा करता है। जब एक जांच अधिकारी जवाब देने से कतराए, तो यह संकेत देता है कि या तो कुछ छिपाया जा रहा है या फिर निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
इस घटनाक्रम ने न केवल कॉलेज की व्यवस्थाओं बल्कि शासन द्वारा की जा रही निरीक्षण प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
आपको बताते चलें कि एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज की समय-समय पर शिकायत होती रहती हैं, कुछ दिन पूर्व तो मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर अंकिता शर्मा द्वारा ही मेडिकल कॉलेज की भ्रष्ट लचर व्यवस्था पर सवाल उठाए उनका आरोप था कि यहां डॉक्टर एक सप्ताह 10 दिन में सिर्फ दो दिन ही आते हैं और इस बीच अटेंडेंस रजिस्टर तथा जरूरी कागजात सेफ में बंद कर रखे जाते हैं। जिसकी शिकार वह खुद हो गई। प्रतिदिन आने के बाद भी वह अपने हस्ताक्षर अटेंडेंस रजिस्टर पर नहीं कर सकी उन्होंने यह शिकायत मुख्य मंत्री व उप मुख्यमंत्री को ट्विट करके की थीऔर यह खबर अखबारों की भी सुर्खियों में रही।
जिसके साथ ही मैडिकल कालेज कैम्पस की सफाई व्यवस्था व डाक्टरों द्वारा मरीजों का ठीक से उपचार न करने को लेकर भी किसान यूनियन स्वराज द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। अग्नि शमन यंत्र भी जांच के दौरान ठीक नहीं पाये गये। बीते 11 दिनों में मैडिकल कालेज के गेट पर दो महिलाओं के प्रशव हुये।
पूरे क्रम में डाक्टरों की ड्यूटी के दौरान मैडिकल कालेज में न रहने तथा समय से न बैठने तथा मरीजों से ठीक व्यवहार न करने की समस्या प्रमुख रही है।

