
धनबाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने शनिवार को सहयोगी नगर स्थित वृद्धा आश्रम का निरीक्षण कर एक मानवीय पहल की मिसाल पेश की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां रह रहे वृद्धजनों से आत्मीय बातचीत की, उनका हालचाल जाना और जीवन की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली।
वृद्धजनों ने गुलाब का फूल देकर उपायुक्त का स्वागत किया और उन्हें आशीर्वाद दिया।

उपायुक्त ने आश्रम में उपलब्ध सभी मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रबंधन समिति को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में आश्रम में 25 बेड की सुविधा उपलब्ध है, किंतु बहुत जल्द नए भवन का निर्माण कर 88 बेड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

श्री रंजन ने कहा कि “वृद्धजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं।
उनके जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव को आनंदपूर्ण और सम्मानजनक बनाने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा।”
उन्होंने आश्रम के लिए जल्द ही आवश्यक सामग्रियों और मनोरंजनात्मक सुविधाओं को जोड़े जाने की घोषणा की।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वृद्धजनों के साथ समय बिताया, उनके अनुभव सुने और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
उन्होंने छठ महापर्व के शुभारंभ के अवसर पर वृद्धजनों सहित जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सभी से सामूहिक सौहार्द एवं स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
इस मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती स्नेह कश्यप,
आश्रम के अध्यक्ष मोहम्मद नौशाद गद्दी, कार्यकारिणी अध्यक्ष सुधीर बरनवाल, सचिव डॉ. डी. सारण, सह सचिव सुरेन्द्र यादव,
तथा मीडिया प्रभारी विजय सिन्हा उपस्थित थे।

उपायुक्त की यह पहल न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टिकोण से सराहनीय है, बल्कि समाज में संवेदनशील शासन और मानवता की मिसाल के रूप में उभर रही है।


