सुईथाकला | इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति सैयद फैजान हसन रिजवी ने कहा कि शिक्षा समाज का वह दर्पण है, जिसमें वर्तमान, भूत और भविष्य – तीनों एक साथ दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह साधन है जिससे मनुष्य अपने जीवन के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच सकता है।
उक्त विचार उन्होंने मोहम्मद हुसैन इण्टर कॉलेज, हमजापुर के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।
न्यायमूर्ति रिजवी ने कहा कि आज के वातावरण में मानव जीवन की सबसे बड़ी पूँजी न धन है, न पद, बल्कि शिक्षा है। एक शिक्षित व्यक्ति ही जीवन जीने की कला जानता है, बेहतर निर्णय ले सकता है और समाज को बदलने की शक्ति रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में लड़कियाँ लड़कों से अधिक उत्साह के साथ शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें और शिक्षकों से अपील की कि जब तक बच्चे स्कूल में रहें, उनकी शिक्षा-दीक्षा में पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा से कोई कोताही न बरतें, क्योंकि बच्चे ही देश का भविष्य हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरित किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहम्मद शमशाद ने की, जबकि संचालन प्रधानाचार्य अनिल यादव ने किया। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक मोहम्मद तनवीर ने सभी आए हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतोष सिंह, श्रीराम यादव, हसन अब्बास, मंगलेश्वर त्रिपाठी सहित कॉलेज के शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

