दिल्ली हाई कोर्ट ने 13 दिसंबर 2023 के संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दे दी। इस घटना में संसद परिसर में धुआँ छोड़ने की कोशिश की गई थी, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा कि दोनों के खिलाफ ठोस सबूत नहीं हैं, और लंबी हिरासत के बाद जमानत उचित है। जमानत की शर्तों में जांच में सहयोग और दिल्ली छोड़ने पर रोक शामिल है। इस फैसले ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। विपक्ष ने इसे सरकार की नाकामी बताया, जबकि सत्तापक्ष ने कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की बात कही। इस घटना के बाद संसद की सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए गए, जैसे बायोमेट्रिक चेक और अतिरिक्त सीसीटीवी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सुरक्षा प्रोटोकॉल की खामियों को उजागर करता है। जनता में भी इस फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ हैं। कुछ इसे न्याय मान रहे हैं, तो कुछ इसे ढीली कार्रवाई।

