जौनपुर : जनप्रतिनिधि जब बिना भेदभाव किए सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करने लगते हैं तो निश्चित रूप से न सिर्फ पक्ष और विपक्ष के बीच की दूरी खत्म होती है बल्कि आमजनमानस के दिलों में ऐसे लोग अपनी कार्यशैली से अपना महत्वपूर्ण स्थान खुद बना लेते हैं। ऐसी ही स्थिति जौनपुर के सुइथाकला विकासखंड की ब्लॉक प्रमुख विद्या तिवारी की है। दरअसल बीजेपी की एक महिला ब्लॉक प्रमुख के कार्यशैली से इन दिनों विपक्ष के लोग भी उनकी तारीफ कर रहे हैं। चुनाव के दरम्यान जिन क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने उन्हें वोट नहीं दिया था। चुनाव जीतकर प्रमुख बनने के बाद विद्या तिवारी ने बिना किसी द्वेष और भेदभाव के उनके भी वार्ड में विकास कार्य कराकर उन्हें राजनीति में शुचिता की नई दिशा दिखाने का काम किया है। शायद यही वजह है कि लोग आज जाति धर्म और पार्टी की राजनीति भूलकर उनकी कार्यशैली के मुरीद हो गए हैं।
दरअसल, रामनगर के मोहम्मद कलीम बताते हैं कि ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान उन्होंने विद्या तिवारी के पक्ष में मतदान नहीं किया था। उसके बावजूद विद्या तिवारी ब्लॉक प्रमुख चुनाव जीतने में कामयाब रहीं। उनके जीतने के बाद कलीम कभी प्रमुख के पास अपने वार्ड के किसी भी विकास कार्य की मांग को लेकर नहीं गए। क्योंकि उनका मानना है कि उन्होंने जब वोट नहीं दिया तो किस मुंह से प्रमुख से अपने वार्ड के विकास के लिए बात करने जाते। लेकिन इन सबके बावजूद सरकार के सबका साथ सबका विकास की नीति के तहत ब्लॉक प्रमुख विद्या तिवारी ने कलीम के वार्ड में कई विकास कार्य कराया। जिससे स्थानीय लोगों को कई समस्याओं से निजात मिल सकी।
रामनगर के ही निवासी सूफी अजमल ने बताया कि ब्लॉक प्रमुख ने जाति धर्म और पार्टी का भेदभाव खत्म करके हमेशा जन समस्याओं को देखते हुए पारदर्शीपूर्ण कार्य किया है। जो आज की राजनीति में बहुत दुर्लभ है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में प्रमुख ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी पूर्वक कार्य करके विकास की एक नई इबारत लिखी है। आज की राजनीति में विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ भी प्रमुख का इस तरह से सम्मानजनक व्यवहार कबीले तारीफ़ है।
कटघर निवासी श्रीकृष्ण दुबे की माने तो ब्लॉक प्रमुख विद्या तिवारी अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ ही दूरदर्शी सोच की कुशल नेतृत्व की महिला हैं। उन्होंने कभी किसी के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया। उनके प्रतिनिधि के रूप में उनके बड़े बेटे डॉ उमेश चंद्र तिवारी “गुरुजी” कार्य कर रहे है। जनसेवा में निरंतर निष्ठा और ईमानदारी से लगे रहने वाले डॉ उमेश तिवारी “गुरुजी” भी बेहद विनम्र और सरल स्वभाव के हैं। गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों को निरंतर गति देने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहता है।
घूरीपुर गांव निवासी अनूप त्रिपाठी के अनुसार ब्लॉक प्रमुख विद्या तिवारी ने हमेशा सार्वजनिक कार्यों को प्रमुखता दी। स्वार्थयुक्त निजी कार्यों के न करने की वजह से कुछ लोगों ने उनका विरोध भी किया। लेकिन इन सबका परवाह न करके प्रमुख ने हमेशा जनहित कार्यों से जनमानस को संतृप्त करने का कार्य किया।
चौबाहा गांव निवासी जितेंद्र तिवारी बताते हैं कि सुइथाकला ब्लॉक से जनता को पहली बार कोई ऐसा प्रमुख मिला है जो बिना किसी भेदभाव और दबाव के पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है। उनका कहना है कि विद्या तिवारी की सज्जनता और सरलता का फायदा उठाकर निजी स्वार्थ के लिए कुछ लोग फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। जब उनकी दाल नहीं गलती तो वही लोग निराधार आरोप लगाकर विरोध करने लगते हैं। ऐसे लोग विपक्ष के नहीं बल्कि बीजेपी से ही जुड़े हैं। जो अपना उल्लू न सीधा होने पर न केवल फर्जी शिकायत करते हैं बल्कि प्रमुख की छवि बिगड़ने के लिए अपनी ही पार्टी के विरोध में उतर जाते हैं। हालांकि, ऐसे लोगों के बारे में जनता भलीभांति जान चुकी है।
फिलहाल, सुइथाकला ब्लॉक क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रमुख विद्या तिवारी की लोकप्रियता देखकर उनका विरोध करने वाले उनकी ही पार्टी में कुछ लोग हैं जो दूसरे दलों से आ गए हैं। ऐसे लोग यदि कभी चुनावी मैदान में उतरे तो उन्हें जनता अच्छे से सबक सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। विकास में बाधक बनने वाले ऐसे लोगों की पहचान करके शासन प्रशासन के साथ ही पार्टी को भी समय रहते सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
बता दें कि सुइथाकला ब्लॉक प्रमुख विद्या तिवारी द्वारा 92 वार्डो में से अबतक 85 वार्डो में विकास कार्य कराए जा चुके हैं। शेष वार्डो में भी जनहित को देखते हुए कई विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

