By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: सरकार के नियमो की धज्जियां उड़ाते स्लॉटर हाउस, कुर्बानी के कारोबार की बदबू से परेशान उन्नाव की जनता
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > उत्तर प्रदेश > सरकार के नियमो की धज्जियां उड़ाते स्लॉटर हाउस, कुर्बानी के कारोबार की बदबू से परेशान उन्नाव की जनता
उत्तर प्रदेशराज्य

सरकार के नियमो की धज्जियां उड़ाते स्लॉटर हाउस, कुर्बानी के कारोबार की बदबू से परेशान उन्नाव की जनता

Adminakhandrashtra
Last updated: May 12, 2025 7:34 pm
Adminakhandrashtra
11 months ago
Share
सरकार के नियमो की धज्जियां उड़ाते स्लॉटर हाउस, कुर्बानी के कारोबार की बदबू से परेशान उन्नाव की जनता
SHARE

–प्रशांत त्रिपाठी

उन्नाव: जनपद के नाम पर अब ‘कुर्बानी के कारोबार’ की बदबू ने ऐसा कब्ज़ा कर लिया है कि जनता की सांसें भी बोझ बन गई हैं, लेकिन अफसरों और नेताओं के नकद खज़ाने दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से भरते जा रहे हैं। जिले भर में फैले अवैध स्लॉटर हाउस अब सिर्फ जानवरों की हत्या नहीं कर रहे, बल्कि इंसानी सेहत, पशु कानून, प्रकृति और नैतिकता की भी सामूहिक हत्या कर रहे हैं। हालत यह है कि स्लॉटर हाउस से निकलने वाला खून और अपशिष्ट बिना ट्रीटमेंट के खेतों, नालों और भूगर्भ जल में मिल रहा है, हैंडपंपों से बदबूदार, काला और जहरीला पानी निकल रहा है, जिससे बच्चे बीमार, बूढ़े बदहाल और महिलाएं असमय बीमारियों का शिकार हो रही हैं, लेकिन जिला प्रशासन आंखों में पट्टी बांधे मलाई काट रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन, खाद्य सुरक्षा और पुलिस प्रशासन जैसे विभागों में भ्रष्टाचार की बू अब आम हो चली है। रुस्तम फूड्स, मास एग्रो फूड्स और AOV एक्सपोर्ट जैसी बड़ी कंपनियां खुलेआम पशु क्रूरता अधिनियम, प्रदूषण कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की धज्जियाँ उड़ा रही हैं—जिन ट्रकों में अधिकतम छह भैंसें लादी जा सकती हैं, उनमें 4 से 8 तक जानवरों को बेरहमी से ठूंसकर लादा जाता है, न कोई डॉक्युमेंट, न पशु चिकित्सा प्रमाणपत्र, न ही हवा-पानी या पुआल की व्यवस्था—लेकिन पुलिस थाना दही और जिम्मेदार अफसर इस पर चुप हैं क्योंकि उन्हें हर महीने ‘मुंह बंदी शुल्क’ पहुंचाया जाता है। एक वायरल ऑडियो में रुस्तम फूड्स का कर्मचारी ड्राइवर को सिखा रहा है कि पुलिस को कह दो “केवल दो भैंसे हैं”, और जब सोशल एक्टिविस्ट ने इसकी शिकायत की तो थाना प्रभारी संजीव कुशवाहा ने उल्टे उससे ही सवाल किया कि “तुम वहां कर क्या रहे थे?”—क्या यही है पुलिस का चेहरा? अब सवाल ये है कि आखिर कौन बचा रहा है इस काले कारोबार को? क्या योगी सरकार को नहीं पता कि गौवंश और पशु कल्याण की बात करने वालेलोगो लोग अपने ही शासन में पशुओं की निर्मम हत्या पर आंखें मूंदे बैठे हैं? क्या प्रधानमंत्री मोदी के ‘स्वच्छ भारत’ और ‘पर्यावरण सुरक्षा’ अभियान में उन्नाव की गंदगी का कोई हिसाब नहीं? जब बच्चे दूषित पानी से बीमार होते हैं, खेत खून से सींचे जाते हैं, और ट्रकों में तड़पती भैंसें दिखती हैं, तब ये कैसा अमृतकाल है? जनता अब पूछ रही है—क्या ये ‘विकास’ है या ‘विनाश’? अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्नाव न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश की आंतरिक सड़ांध की सबसे बड़ी मिसाल बन जाएगा। इस पूरे मामले की सीबीआई जांच, स्लॉटर हाउसों के लाइसेंस की समीक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, नहीं तो आने वाले समय में उन्नाव सिर्फ इतिहास की किताबों में नहीं, बल्कि बीमारी, भ्रष्टाचार और बेबसी की कहानी बनकर रह जाएगा।

लोकल ट्रेन यात्रियों की समस्या को लेकर शिवसेना ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन
भायंदर में 1000 कांवड़ियों ने चंद्रमौलेश्वर मंदिर में किया जलाभिषेकएड रवि व्यास ने किया यात्रा का शुभारंभ
जौनपुर:घर से गए युवक की झाड़ियों में मिली लाश,
रामगंज के चेयरमैन राकेश सिंह का घाटकोपर में भव्य सम्मान 
राम जी जायसवाल को महासभा में मिली बड़ी जिम्मेदारी
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की: एक युग का अंत विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की: एक युग का अंत
Next Article मां गुजराती पीजी कॉलेज को मिली बीकॉम की मान्यता
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 18 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र
  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact

Find Us on Socials

© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Join Us!
Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..
[mc4wp_form]
Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up