सुल्तानपुर, 13 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में समाजवादी पार्टी के पूर्व सेक्टर प्रभारी सुनील यादव की संदिग्ध मौत के मामले ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। चांदा थाना क्षेत्र के मदारडीह गांव में हुई इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने खुलासा किया है कि सुनील यादव की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का परिणाम थी। ग्रामीणों का दावा है कि इस हत्या के पीछे पूर्व विधायक संतोष पांडे और उनके साले विवेक मिश्रा को फंसाने की कोशिश की गई, जो अंततः नाकाम रही। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सुनील यादव ने 3 जुलाई 2025 को अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से यह खुलासा किया था कि उन्हें संतोष पांडे के साले विवेक मिश्रा और उनके साथी सुशील निषाद से जान का खतरा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में धमकी और मारपीट की घटनाओं का जिक्र करते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। ग्रामीणों के अनुसार, सुनील यादव ने कई बार अपनी जान को खतरे की आशंका जताई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना के दिन, सुनील ने अपनी मां को बताया था कि उन्हें संतोष पांडे ने मिलने के लिए बुलाया है। देर रात घर लौटने के बाद, पानी पीते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां शुरू हो गईं, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। ग्रामीणों का मानना है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसमें जहर देने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। परिवार और स्थानीय लोगों ने इस मामले में गहन जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इस मामले में ग्रामीणों ने एकजुट होकर दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सुनील यादव न केवल समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे, बल्कि गांव में उनकी मजबूत सामाजिक पकड़ थी। आगामी ग्राम प्रधान चुनाव में उनकी दावेदारी को लेकर कुछ लोग असहज थे, जिसके चलते इस साजिश को अंजाम दिया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इस हत्याकांड के पीछे का मकसद संतोष पांडे और विवेक मिश्रा को राजनीतिक रूप से बदनाम करना था। हालांकि, इस साजिश का पर्दाफाश होने से षड्यंत्रकारियों के मंसूबे नाकाम हो गए। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस गिरफ्तारी नहीं हुई है। ग्रामीणों और सुनील के परिवार ने योगी आदित्यनाथ सरकार और सुल्तानपुर पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। यह मामला न केवल सुल्तानपुर, बल्कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था और राजनीतिक साजिशों के मुद्दे को गंभीरता से उठा रहा है।

