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Akhand Rashtra News > राज्य > हर वर्ष टॉप करने पर मम्मी-पापा इनाम में देते थे नया फाउंटेन पेन
राज्य

हर वर्ष टॉप करने पर मम्मी-पापा इनाम में देते थे नया फाउंटेन पेन

Omkar Tripathi
Last updated: June 9, 2025 4:37 pm
Omkar Tripathi
8 months ago
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म:प्र कैडर के वर्ष 1990 बैच के आईएएस मलय कुमार श्रीवास्तव एसीएस पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में रहते हुए पिछले वर्ष नवंबर माह में सेवानिवृत्त हुए। आपकी गिनती ऐसे अफसरों में की जाती है कि-काम करो ऐसा कि एक पहचान बन जाए, हर कदम ऐसा चलो कि निशान बन जाए। इनका बचपन भी नटखटपन से भरा था लेकिन पढ़ाई सबसे पहले थी।

प्रशासनिक सेवा में रहते हुए कई सफल योजनाएं तैयार कीं, लेकिन सेवानिवृत्त होने तक कभी अच्छा खाना बनाना नहीं सीख पाए।

“यूनिवर्सिटी में टॉप करने पर गोल्ड मेडल लेने बीमार होने पर भी मम्मी के साथ ऑटो से गया था”

उन्होंने बचपन से लेकर रिटायरमेंट तक का सफर साझा किया।

प्रस्तुत है बातचीत के कुछ अंशः-

1.अपना बचपन तो याद आता होगा, कोई बड़ी शरारत भी की होगी?

जवाब: जरूर, खास तौर पर गर्मी की छुट्टियों में ननिहाल जाना एवं ढेर सारे आम खाना, नानाजी से कहानियां सुनना। एक बार सभी बच्चों ने छुट्टियों में खाना बनाने के बाद अंगारे पूरे नहीं बुझाए जिसके फलस्वरूप एक लकड़ी की खाट जल गई। इससे सभी को खूब डांट पड़ी।

2.कॉलेज लाइफ में ऐसा कोई वाकया या घटना जो आज भी यादों में है?

जवाब : मौलाना आजाद कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग से यूनिवर्सिटी में टॉप किया। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोराजी से गोल्ड मेडल प्राप्त करने बीमार होने के बावजूद मम्मी के साथ ऑटो रिक्शा से गया था।

3. पढ़ाई या खेल के दौरान मम्मी-पापा या गुरु से कोई बड़ा सबक मिला?

जवाब : मम्मी और पापा का सदैव पूर्ण सपोर्ट और मार्गदर्शन मिलता रहा। हर वर्ष टॉप करने पर नया फाउंटेन पेन मिलता था। गणित के शिक्षक हमेशा से सबसे प्रिय रहे। इसी कारण मैंने आईएएस की मुख्य परीक्षा में ना सिर्फ गणित विषय लिया बल्कि प्रश्न पत्र आधे घंटे पूर्व ही पूर्ण किया था।

4.क्या आप खाना बना लेते हैं, कभी ऐसा क्या बनाया की पत्नी ने बहुत तारीफ की हो?

जवाब: खाना बनाना तो नहीं जानता, परंतु बचपन में मम्मी का हाथ बेकिंग एवं त्योहारों में किचन में बटाया करता था। मेरी पत्नी बहुत ही अच्छा कुकिंग करती हैं। रिटायरमेंट के बाद अब कोशिश करूंगा की उनसे कुछ सीखूं।

5.जिंदगी की सबसे बड़ी मूल या कोई बड़ी गलती की हो?

जवाब : मैं जब अपने जीवन में पीछे मुड़ के देखता हूं तो महसूस करता हूं की मैं अत्यंत भाग्यशाली रहा की कमोबेश कोई भूल या गलती नहीं रही। चूंकि सदैव भगवान का आशीर्वाद, माता-पिता का मार्गदर्शन, पत्नी और परिवार का साथ व मित्रों की शुभकामनाएं मेरे साथ रहीं जिससे जीवन में अपनी जिम्मेदारियों और आने वाली हर चुनौती को भली भांति निभा सका ।

6.प्रशासनिक सेवा में आने के पहले भी अपने दूसरी नौकरी की, ऐसा क्यों?

जवाब : चूंकि मैंने 1985 में 21 वर्ष पूर्ण करने के पूर्व ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर ली थी, इसलिए मेरे द्वारा तीन साल भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स भोपाल व दो साल भारतीय इंजीनियरिंग सेवा में कोलकाता में जॉब किया गया। 1989 में आईपीएस में चयन हुआ किंतु जॉइन नहीं किया, पुनः 1990 में आईएएस में चयन होकर होम कैडर मध्यप्रदेश प्राप्त हुआ ।

7. सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक अनुभव क्या रहा?

जवाब: लगभग 7 वर्षों तक भारत सरकार में डेपुटेशन पर कार्य करने के दौरान ऊर्जा मंत्रालय में इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेशन, दूरसंचार मंत्रालय में गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचाने का भारत नेट प्रोजेक्ट और इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन में भारत मंडपम की अवधारणा बनाई। प्रदेश में रहते कई सफलताएं हासिल कीं।

8.आप अपने प्रशासनिक सफर से संतुष्ट हैं या अभी काम करने का और मौका चाहते हैं?

जवाब : मैं अपने प्रशासनिक सफर से पूर्ण रूप से संतुष्ट हूं और इस दौरान प्राप्त अनुभव से हमेशा समाज, प्रदेश व देश के विकास में भरसक योगदान देने हेतु तत्पर रहूंगा।

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