जौनपुर । शुक्रवार शाम मुफ्तीगंज केराकत रोड के मध्य बाजार में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जौनपुर से केराकत जा रही एक निजी सवारी बस से अचानक घना धुआं उठने लगा। बस में बैठे यात्रियों में दहशत फैल गई और लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से कूदते नजर आए। अफरा-तफरी में राहगीर और आसपास के दुकानदार भी सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे।
गनीमत रही कि कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई और सभी यात्री समय रहते बस से बाहर निकल गए। कुछ देर बाद धुआं शांत हुआ, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में चल रही कई पुरानी निजी बसें आए दिन तकनीकी खराबियों का शिकार होती हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ती है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इन बसों को फिटनेस प्रमाण पत्र कौन प्रदान करता है ? ये वाहन किसकी अनुमति से सड़कों पर दौड़ रहे हैं?
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही जौनपुर से प्रयागराज मार्ग पर एक चलती बस में आग लग गई थी। लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं से यात्री डरे हुए हैं। अब सवाल यह है कि आखिर परिवहन विभाग और जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे ? यात्रियों की सुरक्षा के लिए कब गंभीर कदम उठाए जाएंगे ? या आम आदमी आय दिन अपनी गंतव्य की और जाने से पहले ही कही और चला जाएगा।आखिर कब होगी डग्गामार बसों पर कार्यवाही।

