लाइन बाजार/जौनपुर | प्रतिकूल मौसम के बावजूद विकास खण्ड सिकरारा के ग्राम रंजीतपुर में प् जयगुरुदेव सत्संग समारोह का आयोजन हुआ। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज जी महाराज ने अपने सम्बोधन में कहा सभी सन्तों महात्माओं ने सत्संग की महिमा का वर्णन किया है। यह बड़े भाग्य से मिलता है। सत्संग सुनने से मन, बुद्धि, चित्त, निर्मल होता है। सत्संग जीवन जीने की पद्धति सिखाता है। इससे हमें बड़ों का सम्मान व छोटों को प्यार करने का ज्ञान प्राप्त होता है। भाईयों-बहनों! संसार के रिश्ते नाते, परिवार, यहां तक कि शरीर भी अपना नहीं। एक निश्चित समय के लिये आप के अच्छे-बुरे कर्मों के हिसाब से जाति-बिरादरी, धन-दौलत, पद प्रतिष्ठा मिली हुई है। श्वांसों की पूंजी जब खत्म होगी तो आप का सब सामान यहीं रखवा लिया जायेगा। इसलिये अब भी वक्त है खेती, दुकान, दफ्तर का का ममेहनत, ईमानदारी से करने के बाद कुछ समय निकाल कर भगवान का भजन कर लें यही जीवन का सार है। अन्त समय में यही काम आयेगा।
उन्होंने कहा भगवान के भजन व उसकी प्राप्ति के लिये मानवतावादी बनना जरूरी है। जब मानव धर्म आयेगा तो मानव कर्म आयेगा। जब आप अपने बनाये मंदिर, पूजा, इबादत के स्थान को पवित्र रखते हैं और भगवान के बनायें मंदिर में मांस के लोथड़े, शराब आदि को डालकर नापाक करते हैं इसकी सख्त सजा मिलेगी। हमारी आप से विनती है दयावान बनें, चरित्रवान बनें। और समाज को अच्छा बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। जो साधना की सरल विधि आप को बताई गई उसे करेंगे, तो अनुभव होगा। शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन ने सहयोग किया।
इस अवसर पर ऋषिदेव श्रीवास्तव, अरुण कुमार वर्मा, लालमणि मौर्य, राजमणि यादव, राम आसरे यादव, बैजनाथ, हंसमुख भाई चावड़ा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव गौतमबुद्ध इ. कालेज चम्बलतारा के लिये प्रस्थान कर गई। यहां कल (आज) दोप. 12 बजे से सत्संग संदेश होगा।

