
धनबाद 12 सितम्बर 2025 को अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के आह्वान पर चौथे चरण के आंदोलन के तहत कतरास क्षेत्र और सिजुआ क्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में क्षेत्रीय कार्यालयों के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कतरास क्षेत्रीय अध्यक्ष रामजीत महतो ने की।
धरना के दौरान कतरास क्षेत्र संख्या चार के महाप्रबंधक राजकुमार अग्रवाल एवं सीजुआ क्षेत्र संख्या पांच के निझर चक्रवती के कार्मिक प्रबंधक आरती जी को ज्ञापन सौंपा गया, जिसे कोयला सचिव और कोयला मंत्री तक भेजा जायेगा इस ज्ञापन में मजदूरों की महत्वपूर्ण 17 सूत्री में अहम 8 सूत्री मांगें मांगी गई, जिनमें कोल इंडिया बचाओ, ठेका कर्मियों को अधिकार दिलाओ, प्रदूषण रोको और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करो जैसी अहम बातें शामिल थीं।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसमें मुख्य रूप से धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के संयुक्त महामंत्री भौमिक महतो, बीएमएस के उपाध्यक्ष आर.एन. पांडे , कोषाध्यक्ष प्रशांत नियोगी, कतरास क्षेत्र सचिव शिव शंकर गुप्ता, सिजुआ क्षेत्र सचिव कुंदन कुमार चौहान, जी. समसुद्दीन, अमरेश चौधरी , प्रेम शंकर मंडल , शिव प्रसाद वर्मा, राजदेव , सुनील सिंह, दिलीप, लखविंदर मांझी, नीतू कुमारी, अरविंद कुमार, मोहम्मद मुस्तफा, विजय कुमार, प्रेमानंद राम, रामदेव प्रसाद सुमन, सुनील कुमार, मधुसूदन रवानी , संतोष सिंह, दिलीप कुमार शिन्हा, राजू कुमार, सुरेश नोनिया, गणेश तिवारी, मिथुन बाउरी, कृष्णा प्रधान, सुरेश चौहान, सुदर्शन रजवार, सुरेन्द्र सिंह , सीताराम रजवार सहित बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता और समर्थक शामिल रहे।
8 सूत्री मांगें:
- कोल इंडिया, सिंगरेनी व नैवली कंपनियों को बचाओ।
- कंपनी कर्मियों के लिए 50% उत्पादन सुनिश्चित करो।
- ठेका कर्मियों को एचसीपीसी वेतन भुगतान, निशुल्क चिकित्सा, किराया मुफ्त आवास व CMPF खाता सुनिश्चित करो।
- सभी कंपनियों में सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल स्थापित करो।
- CMPF में शत प्रतिशत ऑनलाइन प्रणाली लागू करो।
- दुर्घटनाओं को रोकने हेतु सुरक्षा से जुड़े सख्त कदम उठाओ।
- कंपनियों में बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाओ।
- यूनियन सदस्यता में एकरूपता लाओ, प्रबंधन की पक्षपातपूर्ण नीति समाप्त कर प्रशासन में सुधार करो।
धरना स्थल पर मजदूर नेताओं ने ऐलान किया कि “मजदूर एकजुट हैं, उनकी आवाज़ अब दबने वाली नहीं। अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।”

