लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर मंगलवार शाम को एक अन्य बंदी ने हमला कर दिया। जेल अस्पताल में भर्ती प्रजापति और सफाई ड्यूटी पर तैनात बंदी के बीच मामूली कहा-सुनी इतनी बढ़ गई कि धक्का-मुक्की हो गई। आक्रोशित बंदी ने अलमारी के नीचे लगे स्लाइडर (लोहे की पटरी) से प्रजापति के सिर पर वार किया, जिससे उन्हें सतही चोट (superficial injury) आई। जेल प्रशासन के अनुसार, चोट मामूली है और तत्काल उपचार के बाद वे पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं।
जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह ने बताया कि घटना जेल अस्पताल में हुई। प्रजापति को प्रारंभिक इलाज जेल में ही दिया गया, उसके बाद बेहतर जांच के लिए केजीएमयू रेफर किया गया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उनकी हालत खतरे से बाहर है। डीजी जेल पीसी मीना ने कहा, “हमले में कोई गंभीर चोट नहीं लगी। आरोपी बंदी से पूछताछ चल रही है और सख्त कार्रवाई होगी।” हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सिर में 5-10 टांके लगे, लेकिन आधिकारिक बयान में इसे सतही चोट ही बताया गया।
यह घटना जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर चिंता जताई: “जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर हमला चिंताजनक है। जेल प्रशासन उन्हें समुचित इलाज उपलब्ध कराए।” पार्टी ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। विपक्षी नेता राहुल राय प्रजापति ने कहा, “फर्जी मुकदमों में फंसाए गए अति पिछड़े समाज के नेताओं को अब जान से मारने की साजिश।”
गायत्री प्रजापति 2017 से जेल में हैं। चित्रकूट गैंगरेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे वे खनन घोटाले और अन्य मामलों में भी आरोपी हैं। सपा सरकार (2012-17) में खनन मंत्री रह चुके प्रजापति की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति हिला दी थी। हाल ही में डायबिटीज व बीपी की समस्या पर वे बलरामपुर अस्पताल में भर्ती रहे। जेल में यह पहला ऐसा विवाद नहीं; पहले भी कैदियों की ड्यूटी पर सवाल उठे हैं। जून में 40 से अधिक कैदियों को ड्यूटी से हटाया गया था।
जेल विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। सपा ने प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव से इसकी शिकायत की है। यह घटना जेल सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित करती है, जहां कैदियों के बीच तनाव आम है।

