धनबाद। लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर धनबाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारी की है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी श्री राजेश कुमार ने जिले के प्रमुख एवं महत्वपूर्ण छठ घाटों पर गोताखोरों की तैनाती के साथ-साथ जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की है।
साथ ही, सभी अंचलों एवं प्रखंडों में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को एक्टिव किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जिला नियंत्रण कक्ष
छठ पर्व के दौरान 27 अक्टूबर की सुबह 10 बजे से लेकर 28 अक्टूबर 2025 को पर्व की समाप्ति तक कंट्रोल रूम कार्यरत रहेगा।
कार्यपालक दंडाधिकारी श्री रवींद्रनाथ ठाकुर एवं श्री लाल बालकिशोर नाथ शाहदेव के नेतृत्व में यह व्यवस्था संचालित की जाएगी।
कंट्रोल रूम नंबर: 0326-2311217 / 0326-2311807
सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के लिए सख्त निगरानी
अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि छठ के दौरान बड़ी संख्या में व्रती तालाबों, डैम और नदियों में स्नान व अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस दौरान भीड़ और फिसलन के कारण दुर्घटना की संभावना बनी रहती है, इसलिए सभी घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
महत्वपूर्ण घाटों पर गोताखोरों की तैनाती
बेकारबांध का राजेंद्र सरोवर, लोको टैंक, खोखन तालाब, मनईटांड छठ तालाब, रानी बांध धैया, झरिया का राजा तालाब, सुगियाडीह तालाब (बिग बाजार के पास), खुदिया नदी, गोगना घाट मैथन, राजा तालाब हरिहरपुर, नील कोठी तालाब पुटकी, लाल बंगला घाट झरिया, मोहलबनी छठ घाट, रानी तालाब पोद्दारडीह, एमएच घाट पंचेत, और अन्य प्रमुख स्थलों पर गोताखोर मुस्तैद रहेंगे।
चिकित्सा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था
सिविल सर्जन को सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक, पैरामेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
धनबाद, झरिया एवं सिंदरी के अग्निशमन अधिकारियों को अग्निशमन वाहन और यंत्रों को पूर्णतः कार्यशील रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
अनुमंडल पदाधिकारी का संदेश:
“छठ घाटों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए प्रशासन पूर्णतः तैयार है। सभी अधिकारियों और कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर पूजा-अर्चना कर सकें।”
धनबाद जिला प्रशासन की अपील:
छठ व्रती और श्रद्धालु सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें, भीड़भाड़ वाले घाटों पर संयम बरतें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

