मस्कट/दुबई (अखंड राष्ट्र न्यूज़): वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण युद्ध के कारण बंद पड़े होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों को एक नया और सुरक्षित रास्ता मिल गया है। ताजा सैटेलाइट डेटा और समुद्री विश्लेषण के अनुसार, कई बड़े कमर्शियल जहाज अब ईरान के नियंत्रण वाले मार्ग को छोड़कर ओमान की समुद्री सीमा से होकर गुजर रहे हैं।
ओमान की सीमा में रहकर ‘साइलेंट’ यात्रा
NDTV की एक रिपोर्ट और AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) के आंकड़ों के मुताबिक, तेल, एलएनजी और कार्गो से लदे कम से कम चार बड़े जहाजों ने इस नए रास्ते का इस्तेमाल किया है। ये जहाज अंतरराष्ट्रीय जल सीमा के बजाय ओमान की समुद्री सीमा के भीतर रहे, जिससे वे ईरानी हमलों से सुरक्षित बच निकले।
दिलचस्प बात यह है कि इन जहाजों ने मुसंदम प्रायद्वीप के पास अपने ट्रांसपोंडर (लोकेशन सिग्नल) बंद कर दिए थे, ताकि वे ईरान की राडार नजरों से बच सकें। इन्हें 3 अप्रैल को मस्कट से करीब 350 किलोमीटर दूर खुले समुद्र में दोबारा ट्रैक किया गया।
लाखों बैरल तेल और भारतीय जहाज भी शामिल
समुद्री विश्लेषण फर्म ‘टैंकरट्रैकर्स’ के अनुसार, इस सुरक्षित रास्ते से गुजरने वाले जहाजों में शामिल हैं:
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हाब्रुत और धलकुट: मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले ये टैंकर सऊदी और यूएई के करीब 20 लाख बैरल कच्चे तेल से लदे थे।
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सोहार: पनामा का एलएनजी कैरियर जो यूएई के अल हमरिया पोर्ट से रवाना हुआ था।
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MSV क्यूबा एमएनवी 2183: यह भारतीय झंडे वाला कार्गो जहाज है, जो 31 मार्च को दुबई से निकला था और इसी सुरक्षित मार्ग का उपयोग करते हुए देखा गया।
ईरान की ‘वसूली’ और नए कंट्रोल रूट को झटका
बता दें कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए थे। इसके बाद ईरान ने अपनी सीमा में एक नया और संकरा रास्ता बनाया था, जहां से गुजरने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की अनुमति अनिवार्य थी। इतना ही नहीं, ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से प्रति बैरल कच्चे तेल पर 1 डॉलर का ‘टैक्स’ भी वसूल रहा था। अब ओमान की सीमा से नया रास्ता खुलने से ईरान के इस नियंत्रण और कमाई को बड़ा झटका लगा है।
IRGC के नौसैनिक अड्डे पर धमाकों के बीच हलचल
जहाजों की यह नई आवाजाही ऐसे समय में देखी गई है जब ईरान के क़ेश्म द्वीप (Qeshm Island) स्थित IRGC के मुख्य नौसैनिक अड्डे पर भीषण धमाकों और आग लगने की खबरें हैं। विश्लेषकों का मानना है कि हवाई हमलों में ईरान के कम से कम चार बड़े गोदाम तबाह हो गए हैं। नौसैनिक अड्डे पर मची इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर जहाजों ने ओमान के रास्ते सुरक्षित निकलना शुरू कर दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति होती है। ऐसे में इस ‘सेफ पैसेज’ का मिलना भारत जैसे देशों के लिए बड़ी जीत है, जिनकी तेल आपूर्ति पिछले कई हफ्तों से प्रभावित थी।
