आगरा: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास का मंगलवार, 6 अक्टूबर को गंगाजल से शुद्धिकरण किया गया। यह धार्मिक आयोजन 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद किया गया। विजय नगर स्थित आवास पर अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा की महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और इसके बाद घर में गंगाजल का छिड़काव किया गया।
कलश यात्रा के बाद हुआ शुद्धिकरण
शुद्धिकरण कार्यक्रम की शुरुआत विजय नगर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से कलश यात्रा के साथ हुई। महिलाएं कलश लेकर ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास तक पहुंचीं। इसके बाद घर के अंदर और बाहर गंगाजल का छिड़काव किया गया। कार्यक्रम के दौरान सुंदरकांड का पाठ भी किया गया। महासभा के लोगों ने ज्ञानेश कुमार के माता-पिता की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की।
मां ने प्रदर्शन को लेकर जताई नाराजगी
ज्ञानेश कुमार की 76 वर्षीय मां सत्यवती ने 28 सितंबर की घटना को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान घर के बाहर गंदगी फैलाई गई और आपत्तिजनक बातें लिखी गईं। उनके मुताबिक इसी वजह से धार्मिक विधि के जरिए घर का शुद्धिकरण कराया गया।
28 सितंबर को कांग्रेस ने किया था प्रदर्शन
दरअसल, 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगरा के विजय नगर स्थित उनके पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने घर के गेट और दीवारों पर कालिख पोती तथा ‘वोट चोर’ और ‘गद्दार’ जैसे शब्द लिखे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लिखे गए नारों को साफ कराया था।
पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा
इस मामले में पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर कुछ अन्य लोगों की भी पहचान की थी। मामले में दंगा, रास्ता रोकने, गृह अतिचार और अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई।
पिता ने भी जताई आपत्ति
ज्ञानेश कुमार के पिता सुबोध कुमार गुप्ता ने भी घर के बाहर हुए प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के खिलाफ राजनीतिक विरोध किया जाना अलग बात है, लेकिन पैतृक आवास पर प्रदर्शन से परिवार की छवि प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार देश की सेवा कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, 28 सितंबर के राजनीतिक विरोध के बाद 6 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास का धार्मिक विधि से शुद्धिकरण किया गया। इस घटना ने एक बार फिर चुनाव आयोग को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद और विरोध प्रदर्शनों को चर्चा में ला दिया है।


