जोगता थाना परिसर में दुर्गा पूजा शांति समिति की बैठक, आपसी सौहार्द और सुरक्षा पर विशेष जोर
थाना प्रभारी पवन कुमार ने कहा—शांति, सद्भाव और सहयोग के साथ मनाएं मां दुर्गा का महापर्व; डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
जोगता, 11 अक्टूबर 2026। दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने को लेकर रविवार की संध्या चार बजे जोगता थाना परिसर में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जोगता थाना प्रभारी पवन कुमार ने की। इसमें शांति समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पूजा समिति के प्रतिनिधियों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भाग लेकर अपने-अपने सुझाव दिए।
बैठक का संचालन शकील अहमद ने किया। उपस्थित लोगों ने दुर्गा पूजा के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने, विधि-व्यवस्था को मजबूत करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर अपने विचार रखे। सभी ने प्रशासन और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की प्रतिबद्धता जताई।
थाना प्रभारी पवन कुमार की कार्यशैली की सदस्यों ने की सराहना
बैठक के दौरान शांति समिति के सदस्यों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने थाना प्रभारी पवन कुमार की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पुलिस और आम जनता के बीच समन्वय आवश्यक है। सदस्यों ने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान पुलिस की सतर्कता, समय पर कार्रवाई और नागरिकों का सहयोग किसी भी अप्रिय घटना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वक्ताओं ने कहा कि सभी समुदायों के लोग आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ त्योहार मनाते आए हैं। इस परंपरा को आगे भी कायम रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में पुलिस प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया गया।
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
थाना प्रभारी पवन कुमार ने कहा कि मां दुर्गा की पूजा शांति, श्रद्धा और सौहार्द के वातावरण में मनाई जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीजे के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और इस संबंध में न्यायालय एवं प्रशासन के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने पूजा समितियों से अपील की कि विसर्जन के दौरान केवल निर्धारित एवं अनुमत ध्वनि व्यवस्था का उपयोग करें। पेन ड्राइव में पहले से रिकॉर्ड किए गए ऐसे 10 से 20 गानों की व्यवस्था रखें, जिनसे किसी समुदाय, व्यक्ति या धर्म की भावना आहत न हो और शांति व्यवस्था प्रभावित न हो। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हर पूजा पंडाल में सीसीटीवी, सहायता केंद्र और आपातकालीन व्यवस्था अनिवार्य
थाना प्रभारी ने सभी पूजा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पूजा पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए माइकिंग की व्यवस्था रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि शौचालय की व्यवस्था में कठिनाई होने पर नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से पहले ही संपर्क करें, ताकि मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जा सके। प्रत्येक पूजा पंडाल में वाहन पार्किंग की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। पंडाल के मुख्य द्वार तक आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस पहुंचने का रास्ता खुला रखा जाए, ताकि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या अन्य आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
प्रत्येक पूजा समिति को लगभग 20 स्वयंसेवक रखने तथा उनकी फोटोयुक्त पहचान-पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर पुलिस प्रशासन स्वयंसेवकों की पहचान कर उनका सहयोग ले सके।
विसर्जन जुलूस की होगी निगरानी, अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर
बैठक में विसर्जन के दौरान वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कराने तथा रिकॉर्डिंग को सात दिनों तक सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया। सभी पूजा समितियों से निर्धारित नियमों के अनुसार विसर्जन संपन्न कराने और संवेदनशील परिस्थितियों में प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की गई।
थाना प्रभारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधि की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित करें। असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग करने का प्रयास किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पूजा पंडालों में प्राथमिक उपचार की सामग्री वाला फर्स्ट एड बॉक्स तथा एक सहायता केंद्र बनाने का भी निर्देश दिया, ताकि किसी श्रद्धालु के बीमार पड़ने, सामान गुम होने या अन्य परेशानी की स्थिति में तत्काल मदद की जा सके।
उत्कृष्ट पूजा पंडालों को मिलेगा पुरस्कार
बैठक में पूजा पंडालों की व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, अनुशासन और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन एवं पुरस्कार की जानकारी भी दी गई। जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए प्रथम पुरस्कार 51 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 41 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 31 हजार रुपये निर्धारित होने की जानकारी दी गई। इसके अलावा थाना स्तर पर बेहतर व्यवस्था करने वाले पूजा पंडालों को भी पुरस्कृत करने की बात कही गई।
बैठक में थाना प्रभारी पवन कुमार के साथ पुलिस पदाधिकारी पु.अ.नि. अरुण कुमार प्रमाणिक, स.अ.नि. बबन यादव, स.अ.नि. रणधीर कुमार, स.अ.नि. सुरेंद्र पन्ना, थाना लेखक नवजीत सिन्हा, अरुण प्रसाद साव एवं रेखा कुमारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा वार्ड संख्या 4 के पार्षद छोटू सिंह, वार्ड संख्या 6 के पार्षद प्रतिनिधि सुमित महतो, मोदीडीह एरिया-5 के परियोजना पदाधिकारी संतोष चौधरी, नगर निगम के सिटी मैनेजर रोहित कुमार, टाटा कंपनी के अधिकारी तथा भोलाराम, डल्ले बाबू, सुरेश महतो, विष्णु चौहान, मोहम्मद जलाल अंसारी, शहाबुद्दीन अंसारी, मजहर अंसारी, वीरू रजक, विदंवा देवी, सुदर्शन सिंह, लव कुश शुक्ला, पलटू सिन्हा, वीरू सिंह सहित अनेक शांति समिति सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
बैठक का समापन शकील अहमद ने किया। अंत में सभी सदस्यों ने दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक ने यह संदेश दिया कि त्योहार की असली खुशी आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता, अनुशासन और एक-दूसरे के सम्मान में है। प्रशासन और आम जनता के संयुक्त प्रयास से ही क्षेत्र में शांति एवं सद्भाव की परंपरा को और मजबूत बनाया जा सकता है।


