नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध में सोमवार को ‘India’ गठबंधन के तमाम नेता दिल्ली की सड़कों पर उतर आए। कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए इस मार्च से पहले विभिन्न दलों के दिग्गज नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे हमले किए। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्षता खो चुका है और पूरी तरह से सत्ताधारी दल के पक्ष में काम कर रहा है।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हरसंभव संघर्ष:India
तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में दोहराया कि उनकी पार्टी ने सबसे पहले बिहार की धरती से इस कथित धांधली और एसआईआर (SIR) के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र पर चौतरफा हमले हो रहे हों, तब चुपचाप बैठना नामुमकिन है।
इस कड़ी में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त खुद सत्ता पक्ष के हितों को साधने में जुटे हैं, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बेहद खतरनाक है। उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने न्याय की मांग दोहराते हुए आम जनता के अधिकारों की वकालत की। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी दिल्ली में सुरक्षा पाबंदियों और प्रशासन के रवैये पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है, जिसका जनता डटकर मुकाबला करेगी।
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मध्य दिल्ली बनी छावनी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विपक्षी दलों के इस विशाल मार्च और प्रदर्शन के आह्वान के चलते सेंट्रल दिल्ली को पूरी तरह सील कर दिया गया है। कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई है और कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश तथा निकास द्वारों को एहतियातन बंद रखा गया है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को संवेदनशील चौराहों पर तैनात किया गया है।


