नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026। दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में गुरुवार को नेहा बोरा और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा हो गया। कार्यक्रम में कुछ लोगों ने ‘बंद करो’ और ‘दफा हो जाओ’ जैसे नारे लगाकर विरोध जताया। हंगामे के कारण नेहा बोरा को अपना संबोधन बीच में रोकना पड़ा। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मताधिकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
रामधारी सिंह दिनकर की कविता से शुरू किया संबोधन
नेहा बोरा ने अपने संबोधन की शुरुआत राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध रचना ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियों से की। उन्होंने कहा, “जंजीर बढ़ाकर साध मुझे, हाँ-हाँ दुर्योधन! बाँध मुझे।”
ये पंक्तियां महाभारत के उस प्रसंग से जुड़ी हैं, जब भगवान श्रीकृष्ण पांडवों की ओर से शांति प्रस्ताव लेकर कौरवों की सभा में पहुंचे थे और दुर्योधन ने उन्हें बंदी बनाने की कोशिश की थी।
कविता की पंक्तियों के बाद नेहा बोरा ने SIR के खिलाफ चल रहे आंदोलन और मतदाताओं के अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वोट देने के अधिकार की लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है।
SIR और मताधिकार पर उठाए सवाल
नेहा बोरा ने अपने संबोधन में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर उठ रहे सवालों का जिक्र किया। उन्होंने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत का मुद्दा भी उठाया।
उनका कहना था कि मताधिकार के लिए आवाज उठाने वाले लोगों को हिरासत में भेजने से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने इस मुद्दे को आम लोगों के मतदान के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि मतदाता सूची में नामों को लेकर उठ रहे सवालों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों में वास्तविक स्थिति समझने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और चुनाव आयोग की जानकारी देखना जरूरी है।
संबोधन के बीच शुरू हुई नारेबाजी
नेहा बोरा जब SIR और आंदोलन पर अपनी बात रख रही थीं, तभी कुछ लोगों ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। रिपोर्टों के मुताबिक, वहां ‘बंद करो’, ‘बाहर जाओ’ और ‘दफा हो जाओ’ जैसे नारे लगाए गए।
नेहा ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद अभिजीत दिपके ने माइक संभाला और विरोध कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। दोनों ने प्रेस क्लब के पदाधिकारियों से कार्यक्रम में बाधा डालने वाले लोगों को बाहर करने का अनुरोध भी किया।
इस नारेबाजी के कारण प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यवधान पैदा हुआ और नेहा बोरा को अपना संबोधन रोकना पड़ा।
अभिजीत दिपके समेत कई लोग रहे मौजूद
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दिपके के अलावा अभिनेता प्रकाश राज और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत अन्य लोग भी मौजूद थे। कार्यक्रम में SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए।
SIR को लेकर विपक्षी दलों और आंदोलन से जुड़े लोगों ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने पर चिंता जताई है। वहीं, ऐसे मामलों की पुष्टि आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर की जानी चाहिए।
फिर चर्चा में आया SIR का मुद्दा
दिल्ली में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने SIR और मताधिकार को लेकर जारी बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। एक तरफ आंदोलन से जुड़े लोग मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई नारेबाजी ने कार्यक्रम में विरोध जताने के तरीके पर भी सवाल खड़े किए हैं।


