भायंदर। श्री साधुमार्गी जैन संघ मीरा भायंदर के अध्यक्ष श्री पारस चपलोत के अनुसार श्री साधुमार्गी जैन संघ, मीरा भायंदर के अंतर्गत आचार्य भगवंत 1008 श्री रामलाल जी म.सा. उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती, शासन दीपिका संयती श्री जी म.सा. आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में चल रहे चातुर्मास के दौरान, एक अत्यंत ही प्रेरणादायी और गौरवशाली तपस्या संपन्न हुई है। कांता अभय सिंह ओस्तवाल द्वारा किए गए 36 उपवास की इस महान तपस्या की हृदय से हम सपरिवार और समस्त समाज की ओर से अनुमोदना करते हैं। संघ अध्यक्ष पारस चपलोत ने तप की अनुमोदना करते हुए बताया कि ‘तपः कर्मक्षयहेतुः’ – तप कर्मों की निर्जरा का अचूक साधन है। उन्होंने कहा कि श्री साधुमार्गी जैन संघ, मीरा-भायंदर के लिए यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि वर्तमान चातुर्मास काल में जैन शासन को गौरवान्वित करने वाली एक महान तपस्या संपन्न हुई है। पारस चपलोत ने आगे कहा कि आचार्य भगवंत 1008 श्री रामलाल जी म.सा. उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म सा के असीम अतिशय से शासन दीपिका संयती श्री जी म.सा. आदि ठाणा-4 की पावन निश्रा एवं प्रेरणा से, तप, धर्माराधना की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए कांता अभय सिंह ओस्तवाल ने अपनी आचार्य भगवन के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा, उत्कृष्ट संयम और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर 36 उपवास की कठिन तपस्या पूर्ण की है। इतने लंबे उपवासों की श्रृंखला किसी साधारण मानव के लिए संभव नहीं है। यह कांता अभय सिंह की आत्मिक शक्ति, अटूट आस्था और गुरुभक्ति का ही प्रतिफल है। आगे कहा कि ओस्तवाल परिवार के साथ-साथ संपूर्ण श्री साधुमार्गी जैन संघ, सकल जैन संघ मीरा-भायंदर इस महान तपस्या की पूर्णाहुति पर गर्व महसूस कर रहा है। अन्न-जल का त्याग कर केवल और केवल आत्मा की शुद्धि और कर्मों की निर्जरा के मार्ग पर आगे बढ़ने वाली ऐसी तपस्वनाएं जैन धर्म की असली शान हैं। उन्होंने कहा कि हम श्रीमती कांता अभय सिंह ओस्तवाल की इस ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी तपस्या की बारंबार हृदय से अनुमोदना करते हैं। परमात्मा से प्रार्थना है कि इस सौभाग्यशाली दंपति की यह तपस्या इनके जीवन में आरोग्य, दीर्घायु, और मोक्ष मार्ग की प्रशस्ति लेकर आए। पारस चपलोत ने कहा कि इनकी इस तपस्या से प्रेरित होकर समाज के अन्य लोग भी धर्म और संयम के मार्ग पर आगे बढ़ें, यही मंगलकामना है। गौरतलब हो कि संघ की ओर से अनुमोदना पत्र संघ संरक्षक उमराव सिंह ओस्तवाल, अध्यक्ष पारस चपलोत, शकेंद्र छाजेड, महावीर सुराणा, दिनेश चोरड़िया, कमलेश छाजेड, कमलेश नागौरी, पदम कुकड़ा, समता महिला मंडल, समता युवा संघ, मीरा-भायंदर आदि पदाधिकारियों ने सहभागिता करते हुए अनुमोदना की।
कांता अभयसिंह ओस्तवाल के 36 उपवास की सर्वत्र सराहना

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