नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में त्योहारी सीजन के आगमन और लगातार जारी विभिन्न राजनीतिक व छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah अचानक दिल्ली पुलिस के मुख्यालय पहुंचे। गृह मंत्री ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की। अमित शाह के मुख्यालय पहुंचने के कुछ ही देर बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री भी बैठक में शामिल होने के लिए पुलिस हेडक्वार्टर पहुंचीं।
काउंटर इंटेलिजेंस और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश -Amit Shah
प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने के उपायों पर विस्तृत रिपोर्ट ली। शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारी सीजन के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, काउंटर इंटेलिजेंस नेटवर्क को और मजबूत करने तथा असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
वोटर लिस्ट SIR विवाद और विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि
गृह मंत्री का यह महत्वपूर्ण दौरा ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारी संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को भी विभिन्न वामपंथी संगठनों और छात्र नेताओं ने बांग्ला साहिब गुरुद्वारे के पास से जंतर-मंतर की ओर विरोध मार्च निकाला। इस मार्च के कारण लुटियंस दिल्ली में ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस को डायवर्जन एडवाइजरी जारी करनी पड़ी थी।
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जामिया में 13 दिनों से भूख हड़ताल और विपक्ष की महारैली का ऐलान
राजधानी में विरोध प्रदर्शनों का दायरा अब विश्वविद्यालयों के परिसरों तक फैल चुका है। जामिया मिलिया इस्लामिया में स्टूडेंट यूनियन की बहाली और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग को लेकर पांच छात्र पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलनकारी छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन ने चुनावी गड़बड़ियों और एसआईआर विवाद के विरोध में 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक विशाल साझा रैली आयोजित करने का औपचारिक ऐलान किया है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए गृह मंत्रालय पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


