लखनऊ / UP MLC: उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद (MLC) सीटों की मतगणना के दौरान कई जिलों से भारी गहमागहमी और हंगामे की खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां लखनऊ खंड स्नातक सीट पर समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर मतगणना में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए बढ़त बनाए रखने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर धांधली का आरोप लगाकर प्रत्याशियों ने काउंटिंग का बहिष्कार कर दिया है।
लखनऊ सीट: “लाठियां चलीं, कुर्सियां टूटीं पर पीछे नहीं हटे सपा कार्यकर्ता”
लखनऊ में सपा प्रत्याशी कांति सिंह के पोलिंग एजेंट राम सिंह राणा ने बुधवार को दावा किया कि चार राउंड की गिनती के बाद कांति सिंह 25,382 वोट हासिल कर बीजेपी के अवनीश सिंह (17,797 वोट) से काफी आगे चल रही हैं। राणा ने आरोप लगाया कि बीजेपी प्रत्याशी ने रात भर में 4-5 बार मतगणना रुकवाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “रात में लाठीचार्ज हुआ, कुर्सियां तोड़ी गईं और कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया, लेकिन सपा युवा डिगे नहीं और भारी बढ़त बनाए हुए हैं।”
गोरखपुर-फैजाबाद में धांधली का आरोप, काउंटिंग सेंटर छोड़ा
उधर, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड सीट पर स्थिति पूरी तरह अलग नजर आई। सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने चुनाव अधिकारियों पर सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए मतगणना केंद्र से वॉकआउट कर दिया। संजयन त्रिपाठी ने कहा, “शुरुआती तीन राउंड तक सब कुछ ठीक चल रहा था और निर्दलीय प्रत्याशी आगे थे। अचानक पूरी प्रक्रिया बीजेपी के पक्ष में मोड़ दी गई, जिससे साफ है कि नतीजा पहले से तय था।”
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UP MLC: आयोग के रुख पर टिकीं नजरें
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। सपा ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव अधिकारियों द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं की गई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी और निर्वाचन आयोग के खिलाफ कानूनी कदम उठाएगी।


