आगरा/लखनऊ: UP MLC चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन आरोपों और बयानों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज कर ली है, लेकिन अपनी ही जीत के बाद उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, उसने चुनावी राजनीति के दोहरे मानकों को उजागर कर दिया है।
जीत के बाद भी ‘पीड़ित’ बनने की होड़!
आकाश अग्रवाल ने जीत के बाद पत्रकारों से कहा कि शिक्षकों को प्रताड़ित किया गया, डराया गया और मतगणना के दौरान बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि इन घटनाओं को देखकर लगता है कि कोई शिक्षक अब दोबारा चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं करेगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर चुनाव आयोग और प्रशासन पूरी तरह एकतरफा काम कर रहा था, तो फिर परिणाम सपा उम्मीदवार के पक्ष में कैसे आया? जब नतीजे हक में आते हैं तो इसे ‘जनता का फैसला’ बता दिया जाता है, लेकिन उसी प्रक्रिया के दौरान खुद को पीड़ित दिखाकर सहानभूति बटोरने का यह नया सियासी ट्रेंड बन चुका है।
देर रात मतगणना केंद्र पर हंगामा और मारपीट के दावे
सपा छात्र सभा के नेता अमित प्रताप यादव ने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान बीजेपी प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने फर्जी एजेंटों के साथ मिलकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। अमित यादव के मुताबिक, जब सपा प्रत्याशी 2000 से अधिक वोटों की निर्णायक बढ़त बना रहे थे, तब वहां झड़प और हाथापाई की स्थिति पैदा की गई। हालांकि, मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने स्थिति को संभाला और अंततः सपा प्रत्याशी को ही विजयी घोषित किया गया।
यह भी पढ़ें: UP MLC मतगणना में रात भर चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
यूपी की 11 सीटों का क्या रहा मिजाज?
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ‘सेमीफाइनल’ माने जा रहे इस एमएलसी चुनाव में कांटे की टक्कर देखने को मिली। कुल 11 सीटों में से बीजेपी ने 6 सीटों पर और सपा ने 5 सीटों पर अपनी धाक जमाई है:
मेरठ स्नातक: दिनेश कुमार गोयल (BJP)
लखनऊ शिक्षक: उमेश द्विवेदी (BJP)
वाराणसी शिक्षक: लाल बिहारी यादव (सपा)
आगरा शिक्षक: आकाश अग्रवाल (सपा)
मेरठ शिक्षक: श्रीचंद शर्मा (BJP)
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक: डॉ. हरि सिंह ढिल्लों (BJP)
आगरा में जीत दर्ज करने के बाद भी सपा का इस तरह हमलावर रहना यह दिखाता है कि 2027 के महासमर से पहले कोई भी दल राजनीतिक दबाव बनाने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहता।


