By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: योगी सरकार के कड़े रुख को देख कदम पीछे खींच रहे हैं मुजावर और दफाली
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > उत्तर प्रदेश > योगी सरकार के कड़े रुख को देख कदम पीछे खींच रहे हैं मुजावर और दफाली
उत्तर प्रदेशराज्य

योगी सरकार के कड़े रुख को देख कदम पीछे खींच रहे हैं मुजावर और दफाली

Digital Desk - Lucknow
Last updated: March 20, 2025 2:22 am
Digital Desk - Lucknow
1 year ago
Share
योगी सरकार के कड़े रुख को देख कदम पीछे खींच रहे हैं मुजावर और दफाली
SHARE

अपनी भाषा चुने।

सरकार ने अगर लगाई है रोक तो लेनी होगी अनुमति,डिप्टी एसपी

जौनपुर।यूपी के संभल में सालार मसूद गाजी मियां की याद में लगने वाले मेले पर रोक के बाद जौनपुर में भी इसका खासा असर देखने को मिल रहा है। योगी सरकार के कड़े तेवर को
देखते हुए खेतासराय कस्बे में लगने वाले गाजी मियां के मेले को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।

जौनपुर जिला प्रशासन के साथ ही एलआई यू के अधिकारी भी इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन में जुट गए हैं।

अधिकारी यह जानना चाहते हैं कि इस पूरे मेले का मुख्य कर्ताधर्ता कौन और किस कमेटी के लोग शामिल हैं।

- Advertisement -
anaya's kitchenanaya's kitchen

सूबे की सियासत में सुर्खियों पर आए संभल जिले में सैयद सालार मसूद गाजी की याद में लगने वाले मेले पर इस बार प्रदेश शासन ने रोक लगा दिया है। पुलिस ने मेला आयोजित करने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी है।

वहाँ के एएसपी ने कहा कि सालार मसूद गजनवी का सेनापति था, उसने लूटपाट और हत्याएं की थीं। इतिहास में इस बात का जिक्र है।

लिहाजा पुलिस ने नेजा मेला लगाए जाने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। कहा है कि जिस सैयद सालार मसूद गाजी की याद में यह आयोजन किया जाता है वह मोहम्मद गजनवी का सेनापति था। उसकी याद में यह मेला उचित नहीं है।

पूर्वी यूपी के सियासी पृष्ठभूमि में जनपद जौनपुर का अपना खास मुकाम है। सैयद सालार मसूद गाजी मियां का मेला इसी जिले के नगर पंचायत खेतासराय क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष गुरुवार के दिन लगता है।

इस बार आठ मई को यह मेला प्रस्तावित है।

मेले से सवा महीने पहले मेले की लगन रखी जाती है।

मेले का लगन रखने के लिए खेतासराय के दफ़ाली शुकरुल्ला, मोछू ही अपनी पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

बुधवार को मेला लगाए जाने के संबंध में उनसे जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब प्रदेश सरकार मेला लगाने की अनुमति नहीं दे रही है तो हम भी इस बार किसी प्रकार का रिस्क नहीं उठाना चाहते हैं। जौनपुर प्रशासन अनुमति देगा तो मेला लगेगा, नहीं देगा तो नहीं लगेगा। उक्त दोनों मुजावर उर्फ दफाली के इस रिकॉर्ड बयान से खेतासराय में लगने वाले गाजी मियां के मेले को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।

वैसे गाजी मियां के इस मेले को हिंदू संप्रदाय के लोग राष्ट्रवीर सुहेलदेव विजय दिवस के रूप में भी मानते हैं।

इस संबंध में शाहगंज के डिप्टी एसपी अजीत सिंह चौहान से बात हुई तो उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार ही सारा कार्य होगा। किसी नई परंपरा का आदेश नहीं दिया जाएगा।

बिना अनुमति के नहीं होगा कोई कार्य

जौनपुर। उप जिलाधिकारी शाहगंज राजेश चौरसिया ने कहा कि शासन से अगर किसी भी प्रकार के कार्यक्रम चाहे सैयद सालार मसूद गाजी मियां का मेला हो। अथवा अन्य कोई मेला को लेकर गाइडलाइन जारी होती है। तो उसके संबंध में मेला लगाने वाले कमेटी और संस्था के लोगों को अनुमति लेना होगा। बिना अनुमति के कोई भी कार्य नहीं होगा। जिससे कानून व्यवस्था को लेकर अड़चन आये।

गाजी मियां मेले में आते हैं हजारों लोग

इस मेले में पूर्वांचल के विभिन्न अंचलों से करीब 10 हजार से अधिक लोग शामिल होने आते हैं। इसे सैयद सालार मसूद गाजी मियां का मेला अथवा गुरखेत का मेला भी कहा जाता है ।

मेला क्षेत्र में अब काफी रिहायशी मकान, आबादी हो जाने से जगह कम है लिहाजा मेला खेतासराय से शुरू होकर गोरारी बाजार तक तीन किलोमीटर के दायरे में रहता है।

मेला शुरू होने से डेढ़ महीना पहले ही चिड़ियाघर, झूला, सर्कस, चरखी के साथ तरबूज, खरबूज और मिठाई के बड़े दुकान दार यहां आते हैं वह लोग दो महीना पहले ही अपने लिए जमीन की बुकिंग कर लेते हैं। इस बार संभल में उठे विवाद और प्रदेश सरकार के सख्त रवैया के चलते मेले के लिए कोई बुकिंग अभी तक नहीं हुई।

ऐसे करते हैं गाजी मियां की कनूरी

गाजी मियां के नाम पर पूजा पाठ यानी कनूरी करने के लिए लकड़ी के बनाए गए निशान पर 100 ₹50 रुपये की मन्नत को कपड़े में लपेटकर बांधा जाता है। फिर गाजी मियां के पुजारी दफाली, मुजावर के माध्यम से मिट्टी के बर्तन में चने की दाल, बैगन, चावल और बाटी को बनाकर पहले उन्हें चढ़ाया जाता है। मुर्गा वह अन्य जंतुओं की बलि भी दी जाती है।

मुजावर पैसे को यह बताते हैं कि वह बहराइच में लगने वाले बड़े मेले में ले जाकर उनके नाम पर चढ़ाएंगे। जबकि उस पैसे हुआ चढ़ाए गए अन्य सामान को मुजावर अपनी जेब में रखकर घर चले आते हैं।

You Might Also Like

महालक्ष्मी के बीएमसी स्कूल में संपन्न हुआ मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम
पुलिस ने किया बड़ा खुलासा सूटकेश में मिली महिला की लाश,
शोक सभा में मीडियाकर्मियों ने दी अभिमन्यु शितोले को श्रद्धांजलि
जौनपुर में मासूम की हत्या का आरोपी अतीक पुलिस मुठभेड़ में घायल
उपायुक्त ने किया जिला स्तरीय प्रतियोगिता का उद्घाटन
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article किसानों की समस्याओं पर गौर दे कर निस्तारण किया जाय किसानों की समस्याओं पर गौर दे कर निस्तारण किया जाय
Next Article वाराणसी मंडल ने राज्य स्तरीय बाल खेल प्रतियोगिता में मारी बाजी वाराणसी मंडल ने राज्य स्तरीय बाल खेल प्रतियोगिता में मारी बाजी
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • धनबाद के स्कूलों में मध्याह्न भोजन के राशन पर सख्ती, गड़बड़ी मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
  • सस्ते डिस्पोजल के झांसे में 2.5 लाख की लूट: एडीसीपी जितेंद्र दुबे के नेतृत्व में 24 घंटे में 3 बदमाश गिरफ्तार, 1.92 लाख बरामद
  • दिहाड़ी मजदूर की बेटी पूनम बनी प्रेरणा, नीट में शानदार सफलता पर उपायुक्त ने किया सम्मानित
  • लोकतंत्र का शवदाह: 18 जुलाई वो काला दिन और तानाशाही का चरम अहंकार!
  • Delhi जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन में पहुंचे पवन खेड़ा और अरविंद केजरीवाल, बोले मोदी को.. .

Recent Comments

  1. Akhand Rashtra on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
  2. Akhand Rashtra on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  3. Bhaskar Singh on माता भाग्यलक्ष्मी के दर्शनोपरांत रामराज्य सभा का समापन
  4. Ryan F on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  5. AlyciaH on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 18 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

Important Category

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र

Important Links

  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य

Quick Link

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact

Find Us on Socials

© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up