नई दिल्ली: महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी और व्यापारियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 kg) की कीमतों में 195 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा मालिकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। विपक्ष के हमलों और जनता के आक्रोश के बीच अब केंद्र सरकार की ओर से इस पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
सरकार का पक्ष: ‘बाजार के उतार-चढ़ाव का असर’
कीमतों में इस अचानक उछाल पर सरकार के करीबी सूत्रों और संबंधित विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह वृद्धि पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों पर आधारित है। सरकार का तर्क है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में जो अस्थिरता बनी हुई है, उसका सीधा असर घरेलू स्तर पर कमर्शियल गैस की कीमतों पर पड़ा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “एलपीजी की कीमतों का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को देखकर किया जाता है। कंपनियों द्वारा किया गया यह बदलाव पूरी तरह से पारदर्शी है और इसमें सरकार का सीधा हस्तक्षेप नहीं होता है।”
व्यापारियों की बढ़ी मुसीबतें
195 रुपये की यह वृद्धि मामूली नहीं है। होटल और रेस्टोरेंट चलाने वाले व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं, ऐसे में कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से उनकी ‘इनपुट कॉस्ट’ बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाहर खाना या बाहर से खाना मंगाना और महंगा हो सकता है, क्योंकि दुकानदार इस बोझ को ग्राहकों पर डालने के लिए मजबूर होंगे।
घरेलू गैस (14.2 kg) पर क्या है स्थिति?
राहत की बात यह है कि फिलहाल घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उज्ज्वला योजना और सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है। कमर्शियल गैस की कीमतों में वृद्धि का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक श्रेणी में हो रही खपत और बाजार की लागत के बीच संतुलन बनाना है।
विपक्ष ने साधा निशाना
कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने इस बढ़ोतरी को ‘जनता की जेब पर डाका’ करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि एक तरफ सरकार महंगाई कम करने के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ त्योहारों और विशेष अवसरों के पास इस तरह की बढ़ोतरी व्यापारिक जगत की कमर तोड़ देती है।
आंकड़ों में समझें बदलाव
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बढ़ोतरी: ₹195 प्रति सिलेंडर।
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कैटेगरी: 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल सिलेंडर।
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प्रभाव: होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग व्यवसाय।
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लागू: तत्काल प्रभाव से देश के प्रमुख महानगरों में नई दरें लागू।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में गिरावट आती है, तो इसका लाभ तुरंत उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। हालांकि, फिलहाल के लिए व्यापारियों को इसी बढ़ी हुई दर के साथ तालमेल बिठाना होगा।

