नई दिल्ली (अखंड राष्ट्र न्यूज़): अगर आप भी नौकरीपेशा हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी। केंद्र सरकार के नए लेबर कोड (New Labour Code) ने ग्रैच्युटी (Gratuity) के दशकों पुराने नियमों को बदल दिया है। अब कर्मचारियों को ग्रैच्युटी का लाभ लेने के लिए किसी एक कंपनी में 5 साल तक टिके रहने की मजबूरी नहीं होगी। नए नियमों के तहत अब महज एक साल की सेवा के बाद ही आप ग्रैच्युटी के हकदार बन जाएंगे।
फिक्स्ड-टर्म (FTE) कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले
अब तक के कानून (Payment of Gratuity Act, 1972) के मुताबिक, 5 साल से कम की नौकरी पर ग्रैच्युटी नहीं मिलती थी। लेकिन अब ‘फिक्स्ड-टर्म एम्प्लॉयमेंट’ (FTE) के तहत:
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अगर आपका कंपनी के साथ 1 साल का लिखित कॉन्ट्रैक्ट है, तो आप ग्रैच्युटी के हकदार हैं।
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यदि आपने 1 साल 3 महीने काम किया, तो आपको पूरे 15 महीनों की ग्रैच्युटी मिलेगी।
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यह नियम उन लोगों के लिए वरदान है जो प्रोजेक्ट-बेस्ड काम करते हैं या शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर रहते हैं।
सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव: बढ़ेगा PF और ग्रैच्युटी का पैसा
नए लेबर कोड में ग्रैच्युटी का कैलकुलेशन अब आपकी CTC के कम से कम 50% हिस्से (Basic Salary) पर होगा।
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नियम के मुताबिक, आपके भत्ते (HRA, Travel आदि) कुल सैलरी के 50% से अधिक नहीं हो सकते।
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अगर भत्ते 50% से ज्यादा हैं, तो एक्स्ट्रा पैसा आपकी बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा।
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फायदा: बेसिक सैलरी बढ़ने से आपकी ग्रैच्युटी और पीएफ (PF) की रकम में मोटा इजाफा होगा।
48 घंटे में होगा ‘फुल एंड फाइनल’ सेटलमेंट
अक्सर कंपनियां इस्तीफा देने के बाद फुल एंड फाइनल (F&F) सेटलमेंट के लिए 2-3 महीने तक चक्कर कटवाती हैं। लेकिन नए नियम के मुताबिक:
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नौकरी छोड़ने, निकाले जाने या कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के 2 वर्किंग डेज (48 घंटे) के भीतर कंपनी को आपकी ग्रैच्युटी और बकाया वेतन का भुगतान करना होगा।
क्यों पड़ा नियम बदलने की जरूरत?
आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ और बदलते जॉब मार्केट में लोग तेजी से नौकरियां बदलते हैं। छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाले युवाओं को 5 साल की शर्त के कारण ग्रैच्युटी का लाभ नहीं मिल पाता था। सरकार ने इसी ‘गैप’ को भरने के लिए यह ऐतिहासिक बदलाव किया है ताकि हर कर्मचारी को उसकी मेहनत का रिवॉर्ड मिल सके।
तो अगर आप भी नई नौकरी जॉइन करने जा रहे हैं, तो अपना अपॉइंटमेंट लेटर ध्यान से देखें और सुनिश्चित करें कि आप ‘फिक्स्ड-टर्म’ पेरोल पर हैं या नहीं!
