खुटहन/जौनपुर (अखंड राष्ट्र न्यूज़): उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छुट्टा पशुओं को गौशालाओं में सुरक्षित रखने के तमाम दावों के बीच जौनपुर के खुटहन क्षेत्र से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। खुटहन थाना क्षेत्र के नगवा गांव में शुक्रवार की शाम एक छुट्टा सांड़ ने 65 वर्षीय बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और पशु आश्रय केंद्रों की पोल खोल दी है।
दवा लेकर लौट रहे थे घर, रास्ते में काल बनकर बैठा था सांड़
जानकारी के मुताबिक, नगवा गांव निवासी जयंती प्रसाद तिवारी (65) शुक्रवार की शाम खुटहन बाजार के एक निजी चिकित्सक के पास दवा लेने गए थे। दवा लेकर वे पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे थे। शाम करीब 7 बजे जब वे गांव की बाग के पास पहुंचे, तभी वहां अंधेरे में बैठे एक छुट्टा सांड़ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। सांड़ ने उन्हें जमीन पर पटक कर बुरी तरह जख्मी कर दिया।
ग्रामीणों के पहुंचने से पहले ही हो गया अनर्थ
बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों को आता देख सांड़ वहां से भाग निकला, लेकिन तब तक जयंती प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। परिजन उन्हें आनन-फानन में उपचार हेतु शाहगंज सीएससी (CHC) ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया।
पिलकिछा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, गमगीन हुआ माहौल
परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए शनिवार को मृतक का अंतिम संस्कार पिलकिछा घाट पर कर दिया। घर के मुखिया की अचानक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी बेला देवी और पुत्रों—रामचंद्र तिवारी, विष्णु तिवारी व अरविंद का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है और लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बाजारों, सड़कों और खेतों में आज भी छुट्टा मवेशियों के झुंड घूम रहे हैं। ये मवेशी न केवल किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि अब इंसानी जानों के लिए भी खतरा बन गए हैं। ‘बिल मुक्त जौनपुर’ और विकास की बड़ी-बड़ी बातों के बीच छुट्टा पशुओं की यह समस्या आम आदमी के जीवन पर भारी पड़ रही है। सवाल यह है कि आखिर कब तक नौकरशाहों की लापरवाही का खामियाजा गरीब जनता अपनी जान देकर चुकाएगी?
