- डॉ० मंगलेश्वर त्रिपाठी
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में युवा समाजसेवी सतीश जयकृष्ण तिवारी ग्रामीण बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए लगातार अथक प्रयास कर रहे हैं। उनके इन प्रयासों की अगली कड़ी के रूप में 7 मार्च, 2026 को कंपोजिट विद्यालय, शाहपुरशानी के विशाल प्रांगण में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल जौनपुर के उन हजारों बच्चों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है, जो अक्सर संसाधनों की कमी के कारण अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते।
इस कार्यक्रम के तहत, लगभग 25 सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों से चुने गए 5000 बच्चे (जो कक्षा 1 से 8 तक के हैं) सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। उन्हें न केवल मुफ्त में स्कूल बैग, कॉपियां, पेन और पेंसिल बॉक्स जैसी आवश्यक स्टेशनरी प्रदान की जाएगी, बल्कि उनके शारीरिक विकास और टीमवर्क को बढ़ावा देने के लिए फुटबॉल, क्रिकेट किट और बैडमिंटन सेट जैसी खेल सामग्री भी भेंट की जाएगी। सतीश तिवारी का मुख्य लक्ष्य इन बच्चों के मनोबल को बढ़ाना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और शिक्षा के प्रति एक स्थायी रुचि पैदा करना है, ताकि वे खुद को कभी किसी से कम न समझें।
पिछले तीन सालों से सतीश तिवारी का यह निस्वार्थ अभियान छोटे स्तर से शुरू होकर अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है। शिक्षा विभाग की सक्रिय मदद से हर साल सबसे अधिक ज़रूरतमंद स्कूलों और बच्चों की पहचान की जाती है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सहायता सही जगह पहुंचे। यह निरंतरता और पारदर्शिता ही उनकी इस पहल की सफलता का राज है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई गणमान्य हस्तियां भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी, जिससे बच्चों का उत्साह और बढ़ेगा। लोकप्रिय सांसद और भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे, जिनकी प्रेरणादायक बातें बच्चों को बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे, जबकि बदलापुर के विधायक रमेश चंद्र मिश्र और जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इन सभी की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि समाज सेवा और शिक्षा जैसे कार्यों को प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर भी कितना महत्व दिया जाता है।
सतीश तिवारी का यह निस्वार्थ प्रयास ‘पढ़ेगा इंडिया, तभी तो बढ़ेगा इंडिया’ के नारे को जमीनी स्तर पर साकार कर रहा है। यह पहल जौनपुर के बच्चों को शिक्षा और खेल के माध्यम से एक बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है, जिससे 7 मार्च का दिन इन 5000 बच्चों के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक उत्सव बन जाएगा।

