By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: एक अदद सुख……..!
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > साहित्य > एक अदद सुख……..!
साहित्य

एक अदद सुख……..!

Adminakhandrashtra
Last updated: February 22, 2026 9:17 am
Adminakhandrashtra
17 hours ago
Share
SHARE

अगर मैं….!
इकट्ठा करना चाहूँ….
अपने बचपन के संस्मरण….
बनाकर सहेजना चाहूँ….!
बचपन से आज तक के….
अपने द्वारा अभिनीत…..
सभी सच्चे-झूठे नाटकों का,
एक श्रृंखलाबद्ध चलचित्र…..
कहाँ संभव है मित्रों…..?
याद कर पाना….सोच पाना…
या फिर….कल्पना ही कर पाना…
हूबहू वैसा ही….बचपन जैसा ही…
बस इस कारण ही….!
मैं अक्सर गुजारा करता हूँ…..
अपना कुछ बहुमूल्य समय,
अपने से बेहद कम उम्र के….
बच्चों की टोलियों के साथ….
उकसाया भी करता हूँ उन्हें….!
उल्टी-सीधी हरकतों के लिए….
इन निश्छल शरारतों में…आज भी..
ढूँढता हूँ….अपना प्यारा बचपन….
इसी कड़ी में यह भी सोचता हूँ….!
कि….बूढ़ा-बुजुर्ग होने पर….
स्मरण ही कहाँ रहेंगे….?
कोई भी कहानी या संस्मरण……
बना भी नहीं पाऊँगा,
कोई भी चलचित्र…..क्योंकि…?
क्षमता भी…कम ही हो गई होगी…
उस समय मित्र….लिहाजा….!
प्रक्षेपित कर लेता हूँ….खुद को….
कुछ समय के लिए….
आसपास के बुजुर्गों के बीच….
सुनने को उनके किस्सों की सौगात,
और….कोशिशें करता हूँ….
सुरक्षित-संरक्षित रखने की….!
इन बुज़ुर्गों की हर एक ज़ुबान….
संग में….सारे के सारे जज्बात….
इसी दौर में….मैं निकालता हूँ….
कुछ समय….खुद के लिए….
खुद के अपने परिवार के लिए…
ताकि….तलाश सकूँ मैं….
इस भौतिक जगत में….!
अपने गृहस्थ आश्रम के लिए…..
हर रोज….एक अदद सुख….
क्योंकि धर्मग्रन्थों में कहा गया है…!
आश्रमों में गृहस्थ आश्रम सर्वश्रेष्ठ है
आश्रमों में गृहस्थ आश्रम सर्वश्रेष्ठ है

रचनाकार….
जितेन्द्र कुमार दुबे
अपर पुलिस उपायुक्त,लखनऊ

धर्म प्रधान शासन को नई दिशा देने वाली रानी अहिल्याबाई होलकर
गवाही चाहिए……!
कुम्हार अलग कुछ गढ़ने वाला..
एक परीक्षा और सही…..!
बस मुण्डन मोर करा दो मैया…..!
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article जौनपुर जिला जेल में बंदी की संदिग्ध मौत: जेल प्रशासन की घोर लापरवाही पर उठे सवाल
Next Article जौनपुर न्यायालय और पुलिस लाइन को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी आजमगढ़ से गिरफ्तार
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 18 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र
  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact

Find Us on Socials

© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Join Us!
Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..
[mc4wp_form]
Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up