नई दिल्ली/चंडीगढ़ (अखंड राष्ट्र न्यूज़): आम आदमी पार्टी (AAP) और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच की दरार अब एक गहरी खाई में तब्दील हो चुकी है। शनिवार को पार्टी द्वारा ‘निष्क्रियता’ का आरोप लगाए जाने के बाद, रविवार को राघव चड्ढा ने एक धमाकेदार वीडियो जारी कर अपनी ही पार्टी के नेताओं को आइना दिखाया है। चड्ढा ने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब उनके लिए राजनीति नहीं, बल्कि उनकी आत्मा है।
‘साथियों को वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया’
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “आम आदमी पार्टी के मेरे उन साथियों के लिए, जिन्हें यह कहते हुए वीडियो जारी करने पर मजबूर होना पड़ा कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में विफल रहे, यहां एक छोटा सा ट्रेलर है… पिक्चर अभी बाकी है।” उनका यह इशारा साफ था कि पार्टी के भीतर कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
संसद में पंजाब की आवाज: चड्ढा का रिपोर्ट कार्ड
वीडियो के जरिए राघव चड्ढा ने उन तमाम मुद्दों की लंबी लिस्ट पेश की, जो उन्होंने पिछले चार सालों में राज्यसभा में उठाए हैं। इनमें शामिल हैं:
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किसानों के मुद्दे: एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी और पंजाब के किसानों की विभिन्न मांगें।
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धार्मिक और ऐतिहासिक: करतारपुर साहिब और ननकाना साहिब कॉरिडोर, शहीद भगत सिंह के लिए ‘भारत रत्न’ और महाराजा रणजीत सिंह के शाही सिंहासन की वापसी की मांग।
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बुनियादी ढांचा: पंजाब के लिए कैंसर ट्रेन, इंटरनेशनल उड़ानें और आनंदपुर साहिब को ‘हेरिटेज सिटी’ बनाने की मांग।
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पर्यावरण और पानी: पंजाब में गिरता भूजल स्तर, नदियों का पुनरुद्धार और दिल्ली-उत्तर भारत का वायु प्रदूषण।
“पंजाब मेरी मिट्टी, मेरी आत्मा है”
भावुक होते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब उनके लिए सिर्फ चर्चा का विषय नहीं है। यह उनका घर और कर्तव्य है। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के विकास के लिए फंड जारी करने की अपनी अपीलों का भी जिक्र किया। चड्ढा का यह वीडियो उन आरोपों का जवाब है जिसमें पार्टी ने कहा था कि उनकी ‘निष्क्रियता’ पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है।
AAP के भीतर मची रार का क्या होगा अंजाम?
कल यानी शनिवार को आम आदमी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर राघव चड्ढा की आलोचना की थी। पार्टी का कहना था कि चड्ढा संसद में पंजाब के हक की आवाज बुलंद करने में नाकाम रहे हैं। लेकिन आज के ‘ट्रेलर’ के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या राघव चड्ढा अब पार्टी से पूरी तरह अलग होने का मन बना चुके हैं?
“घायल हूं इसलिए घातक हूं” के बाद “पिक्चर अभी बाकी है” वाले बयानों ने यह साफ कर दिया है कि राघव चड्ढा झुकने वाले नहीं हैं। अब देखना होगा कि 4 मई के चुनावी नतीजों से पहले AAP की यह अंदरूनी कलह क्या नया मोड़ लेती है।
