आज दिल्ली के ऐतिहासिक Ramlila Maidan में इंडिया ब्लॉक की बड़ी रैली हुई। देश के अलग-अलग राज्यों से हजारों लोग एकजुट होकर यहां पहुंचे। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ निकाली गई।
रैली से पहले विपक्षी नेता खुली गाड़ियों में मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से Ramlila Maidan की ओर रवाना हुए। भीड़ उनके साथ पैदल चल रही थी। झंडे, बैनर और नारे पूरे रास्ते गूंजते रहे।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’
Ramlila Maidan पहुंचे बड़े नेता
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, राजद के तेजस्वी यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता Ramlila Maidan पहुंचे। लेफ्ट दलों के नेता भी शामिल हुए।
नेताओं ने खुली गाड़ियों में सवार होकर मार्च किया। समर्थक और कार्यकर्ता उनके साथ पैदल चल रहे थे। Ramlila Maidan पर दोपहर तक भीड़ बढ़ती गई। पार्टी झंडे, प्लेकार्ड और नारे चारों तरफ दिखे। युवा और छात्र संगठनों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
Ramlila Maidan पर क्या बोले नेता
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह ऐतिहासिक बैठक है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं, युवाओं और दलितों के वोट चुराने की कोशिश हो रही है। खड़गे ने साफ कहा कि ज्ञानेश कुमार के जाने तक लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो उन्हें जमीन से भी निकालकर लाएंगे।
राहुल गांधी ने Ramlila Maidan पर बोलते हुए आरोप लगाया कि सालों से वोट चोरी हो रही है। उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और 2024 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि ईवीएम और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-घटाने के जरिए वोट चुराए गए। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाएगा और वे जेल जाएंगे।
अखिलेश यादव ने Ramlila Maidan को लोकतंत्र की हल्दीघाटी बताया। उन्होंने कहा कि यहां नई इतिहास रचा जाएगा और बदलाव आ सकता है। ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल SIR का शिकार है और उन्होंने पूछा –
“ज्ञानेश, तुम कब गायब होगे?”
Ramlila Maidan पर सुरक्षा और भीड़
दिल्ली पुलिस ने Ramlila Maidan और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। चार हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल तैनात किए गए। मैदान को 14 जोन में बांटा गया। सैकड़ों कैमरे और ड्रोन से निगरानी की गई। आयोजकों ने दस लाख लोगों के जुटने का दावा किया, जबकि पुलिस का अनुमान करीब पचास हजार का था।
Ramlila Maidan पर समर्थकों ने प्लेकार्ड उठाए और नारे लगाए। कई लोग सफेद कपड़े पहनकर आए, जो कथित रूप से गलत तरीके से हटाए गए मतदाताओं का प्रतीक बताया गया। युवा और छात्र संगठनों की भी अच्छी भागीदारी रही।
एकजुटता का संदेश
यह रैली पिछले दिन हुए सिंबलिक महाभियोग के अगले दिन आयोजित की गई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटा रहा है और SIR प्रक्रिया से मतदाता अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। Ramlila Maidan पर विभिन्न दलों के नेताओं का एक साथ दिखना विपक्षी एकजुटता का संदेश माना जा रहा है।
रैली में भाग लेने वाले कार्यकर्ता हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से पहुंचे। Ramlila Maidan पर झंडों और नारों का माहौल रहा। नेताओं ने लोकतंत्र की रक्षा और मतदाता अधिकार बचाने की बात दोहराई।
आज के इस आयोजन ने दिखाया कि विपक्षी दल SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर एक मंच पर आए हैं। Ramlila Maidan पर जुटी भीड़ और नेताओं की मौजूदगी ने पूरे कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन का रूप दिया।
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आधिकारिक जानकारी और संदर्भ
भारत निर्वाचन आयोग – मतदाता सूची और चुनाव संबंधी जानकारी
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