मेरठ/लखनऊ (अखंड राष्ट्र न्यूज़): उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुजफ्फरनगर के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान (Sanjeev Balyan) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) हाईकमान ने तलब कर लिया है। मामला मेरठ में आयोजित ‘जाट सम्मेलन’ से जुड़ा है, जहां पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई विवादित टिप्पणी के दौरान बालियान की ‘खामोशी’ पार्टी को रास नहीं आई है।
पार्टी दफ्तर में देना होगा जवाब
शुक्रवार (3 अप्रैल) को बीजेपी नेतृत्व ने संजीव बालियान को पार्टी कार्यालय बुलाकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। दरअसल, मेरठ के जाट सम्मेलन में सीएम भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने मंच से पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए थे। मान ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा था कि “सरकार देश को ‘विश्व गुरु’ बनाने की बात करती है, लेकिन पीएम मोदी ने भारत को ‘विश्व चेला’ बना दिया है।”
बीजेपी नेतृत्व इस बात से नाराज है कि जब पीएम मोदी के खिलाफ इतनी बड़ी टिप्पणी की जा रही थी, तब मंच पर मौजूद बीजेपी नेता संजीव बालियान ने इसका कड़ा विरोध क्यों नहीं किया।
संजीव बालियान की सफाई: ‘मैंने दो बार किया था विरोध’
पार्टी की नाराजगी के बीच संजीव बालियान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने मंच से ही दो बार सीएम मान के बयानों का विरोध किया था। बालियान ने तर्क दिया कि, “यह एक गैर-राजनीतिक कार्यक्रम था और इसमें राजनीतिक बयानबाजी नहीं होनी चाहिए थी।” बता दें कि इसी सम्मेलन में ‘जाट’ नाम की शिलापट्ट हटाने को लेकर भी भारी हंगामा हुआ था, जिसे लेकर समाज के लोगों में काफी रोष देखा गया।
संगीत सोम के साथ अदावत: ‘बदला सूद समेत लिया जाएगा’
पार्टी के भीतर मची रार सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। संजीव बालियान ने अपनी ही पार्टी के फायरब्रांड नेता संगीत सोम (Sangeet Som) पर भी तीखा हमला बोला। बालियान ने संगीत सोम पर खुद का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं से कहा, “अपमान का बदला जरूर लिया जाएगा। पिछले चुनावों में जो अपमान हुआ, उसे किसी हाल में नहीं भूलेंगे। अगर मैं भूल भी जाऊं तो मुझे याद दिलाना, हिसाब सूद समेत चुकता होगा।”
पश्चिमी यूपी की सियासत में बड़े बदलाव के संकेत?
संजीव बालियान को तलब किया जाना और उनका अपनी ही पार्टी के नेता के खिलाफ ‘बदले’ की बात करना, पश्चिमी यूपी में बीजेपी के भीतर चल रहे ‘शीत युद्ध’ को साफ दर्शाता है। जाट सम्मेलन के बहाने शुरू हुआ यह विवाद अब बीजेपी की अंदरूनी एकता के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली में पार्टी आलाकमान के सामने संजीव बालियान क्या जवाब पेश करते हैं।
