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UP Politics: ‘मुस्लिमों को गुलाम समझते हैं अखिलेश यादव’, AIMIM के तीखे वार पर सपा का करारा पलटवार

Digital Desk - Lucknow
Last updated: April 2, 2026 12:36 pm
Digital Desk - Lucknow
13 hours ago
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akhilesh yadav owaisi
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लखनऊ/मऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। सियासी गलियारों में बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा इटावा में बनवाए जा रहे मंदिर और भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप की प्रतिमा की चर्चा के बीच अब ‘मुस्लिम वोट बैंक’ को लेकर नई जंग छिड़ गई है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है, जिस पर समाजवादी पार्टी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।

Contents
AIMIM का आरोप: ‘मुस्लिमों को महज वोट बैंक समझते हैं अखिलेश’सपा सांसद राजीव राय का जवाब: ‘हमें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं’‘2027 में और बुरा होगा हश्र’मंदिर और जनगणना पर भी गरमाई सियासत

AIMIM का आरोप: ‘मुस्लिमों को महज वोट बैंक समझते हैं अखिलेश’

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेताओं ने हाल ही में अखिलेश यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। AIMIM नेताओं का कहना है कि अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को अपना ‘गुलाम’ समझ रखा है। उनका आरोप है कि सपा केवल चुनावों के समय अल्पसंख्यकों का इस्तेमाल करती है, लेकिन उनके हितों की बात आने पर पीछे हट जाती है। इटावा में मंदिर निर्माण की तस्वीरों पर भी विपक्षी खेमे से कई तरह की सियासी टिप्पणियां सामने आ रही हैं।

सपा सांसद राजीव राय का जवाब: ‘हमें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं’

AIMIM के इन गंभीर आरोपों पर मऊ की घोसी लोकसभा सीट से सपा सांसद राजीव राय ने करारा जवाब दिया है। राय ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही ऐसे लोग सक्रिय हो जाते हैं और इसी तरह की बयानबाजी करते हैं।

सांसद राजीव राय ने कहा, “अखिलेश यादव सबके नेता हैं और वह सबको साथ लेकर चलते हैं। AIMIM पिछले चुनावों में भी आई थी, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया। हमें न तो उनके किसी सर्टिफिकेट की जरूरत है और न ही उत्तर प्रदेश की जनता को उनके दावों पर यकीन है।”

‘2027 में और बुरा होगा हश्र’

2027 के चुनावों में मुस्लिम मतों में सेंधमारी के सवाल पर राजीव राय ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता समझदार है। उन्होंने पिछले चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि AIMIM जब-जब चुनाव लड़ी है, उनकी स्थिति खराब ही हुई है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में ओवैसी की पार्टी का हश्र पिछले चुनावों से भी ज्यादा बुरा होगा।

मंदिर और जनगणना पर भी गरमाई सियासत

बता दें कि एक तरफ जहाँ अखिलेश यादव द्वारा मंदिर निर्माण की चर्चा तेज है, वहीं दूसरी तरफ सपा के अंदर से ही जातीय जनगणना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश की मंदिर वाली तस्वीरों पर तंज कसते हुए इसे चुनावी ढोंग बताया था। फिलहाल, यूपी की राजनीति में ‘मंदिर’ और ‘मुस्लिम वोट’ के इर्द-गिर्द बुनी जा रही यह बिसात 2027 की जंग को और भी दिलचस्प बना रही है।

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