मुंबई। अभिनय सम्राट,पद्म भूषण और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय दिलीप कुमार की 101 वीं जयंती पर कपिल कला केंद्र (रजि) की ओर से सांताक्रुज़ कब्रिस्तान में उनकी कब्र पर गुलाब के फूलों की पंखुडियां बिखेर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि मुंबई भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने कहा कि दिलीप कुमार को अभिनय सम्राट क्यों कहा जाता है। अगर आज की युवा पीढ़ी को उनका सही परिचय जानने के लिए कपिलजी का लिखा और भावपूर्ण ढंग से गाया अजर अमर गीत (मेरे दिलीप कुमार, मेरे दिलीप कुमार) को कपिल गीत कुशीनगर भक्ति गीत यूट्यूब चैनल पर एक बार जरूर देखना चाहिए। दिलीप कुमार की 64 फिल्मों के नाम माला में फूलों की तरह से सजाया और संवारा गया है। हमने जो उनकी फिल्में नहीं देखी हैं, इस गीत के माध्यम से हमको उसका पोस्टर देखने को मिल रहा है।
भारतीय फिल्मों की चर्चित अभिनेत्री सायरा बानो, दिलीप कुमार की तरफ से आसिफ भाई, शराफत घोरी, सत्तार भाई, अनस खान, डॉ सत्तार खान, माता प्रसाद आदि ने रंग बिरंगे फूलों की पंखुडियां कब्र पर बिखेर कर उनकी आत्मा की शांति के लिये फातेहा पढ़ी। फिल्म निर्माता श्रीचंद जैन संस्था के महासचिव अमरदेव बहुगुणा, शबील अहमद, जया राघव, कमल गुप्ता, सुरेंद्र पुनियानी (दिल्ली) अभिनेता-गायक धर्मेंद्र खरवार (कुशीनगर), वॉयस ऑफ किशोर कुमार, पिंटू खरवार (मुंबई), वॉयस ऑफ मोहम्मद रफी मोहम्मद हनीफ जुनाच (राजकोट) से मोबाइल फोन पर संस्था के अध्यक्ष कपिलदेव खरवार को श्रद्धांजलि संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर कपिलदेव खरवार ने सभी के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया।
अभिनय सम्राट दिलीप कुमार को कपिल कला केंद्र ने दी श्रद्धांजलि
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