- ओमकार त्रिपाठी (अखंड राष्ट्र)
इंदौर के नवविवाहित जोड़े, राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी, के मेघालय में हनीमून के दौरान लापता होने और राजा की हत्या के मामले ने देशभर में सनसनी मचा दी है। यह घटना मई 2025 में शुरू हुई और जून 2025 तक इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
राजा और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी। शादी के नौ दिन बाद, 20 मई को, वे हनीमून के लिए मेघालय गए। 22 मई को वे शिलांग के एक होमस्टे में रुके और 23 मई को सोहरा (चेरापूंजी) के लिए निकले। उसी दिन दोपहर करीब 1:30 बजे सोनम ने अपनी सास, उमा रघुवंशी, से फोन पर बात की, जिसमें उसने बताया कि वे ट्रेकिंग कर रहे हैं और बाद में दोबारा कॉल करेंगे। इसके बाद दोनों का कोई संपर्क नहीं हुआ। उनकी किराए की स्कूटी 24 मई को सोहरारिम गांव के पास एक खाई के पास लावारिस मिली।
2 जून को मेघालय पुलिस ने राजा का शव सोहरा के पास एक 100 फीट गहरी खाई में पाया, जिसकी पहचान उनके भाई विपिन रघुवंशी ने की। पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि हुई। सोनम का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद उनके परिवार ने अपहरण की आशंका जताई। परिवार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की, और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा से त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया।
8 जून को एक टूर गाइड, अल्बर्ट पीडी, ने खुलासा किया कि 23 मई को राजा और सोनम तीन अन्य पुरुषों के साथ नोंग्रियाट गांव से ट्रेकिंग कर रहे थे। गाइड के मुताबिक, चार पुरुष आगे चल रहे थे और सोनम पीछे थी। 9 जून को एक बड़ा मोड़ आया जब मेघालय पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे से गिरफ्तार किया। पुलिस ने दावा किया कि सोनम ने अपने पति की हत्या के लिए सुपारी दी थी और तीन अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया गया। सोनम के पिता, देवी सिंह, ने पुलिस के दावों को खारिज करते हुए अपनी बेटी को निर्दोष बताया।
इस मामले ने सोशल मीडिया पर तीव्र प्रतिक्रियाएं उकसाईं। एक ओर लोग सोनम की गिरफ्तारी पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर राजा की हत्या ने समाज में विश्वास और रिश्तों पर बहस छेड़ दी है।

