6 जून 2025 को, विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और इसके बाद शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के लिए विशेष संसद सत्र बुलाने की मांग की। यह हमला, जिसमें कई पर्यटकों की जान गई थी, ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। विपक्षी दलों ने सरकार पर हमले के बाद की रणनीति और इसके व्यापक प्रभावों पर संसद में चर्चा न करने का आरोप लगाया। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुरशिद ने 1 जून को X पर स्पष्ट किया कि केंद्र द्वारा गठित बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल, जो भारत की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समझाने के लिए विभिन्न देशों का दौरा कर रहे हैं, का उद्देश्य राष्ट्रीय समर्थन जुटाना है, न कि घरेलू राजनीतिक मतभेदों को उजागर करना। विपक्ष ने सरकार से इस मुद्दे पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है, जिससे संसद का मॉनसून सत्र, जो 21 जुलाई से शुरू होने वाला है, और भी महत्वपूर्ण हो गया है। यह मांग राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है।
पहलगाम हमले के बाद विशेष संसद सत्र की मांग
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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