इजरायल ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वह फिर से ईरान पर हमला कर सकता है और इस बार “छिपने की कोई जगह नहीं मिलेगी।” यह बयान मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां दोनों देशों के बीच लंबे समय से शत्रुता चली आ रही है। इजरायल का दावा है कि ईरान क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के लिए आतंकी संगठनों को समर्थन दे रहा है। हाल के महीनों में इजरायल ने सीरिया और लेबनान में ईरान समर्थित ठिकानों पर कई हवाई हमले किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह चेतावनी ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को रोकने की इजरायल की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। दूसरी ओर, ईरान ने इन धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि वह किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। वैश्विक समुदाय, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र और रूस, इस तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। यह स्थिति मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह तनाव युद्ध में बदलता है, तो क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया है।

