जंघई रेलवे स्टेशन के पूर्वी फाटक के आसपास सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। लोग न तो अपनी जान की परवाह करते हैं और न ही दूसरों की। बिना हेलमेट के बाइक चलाना और बिना नंबर प्लेट की बाइकों पर अत्यधिक सामान लादकर चलना यहाँ आम बात हो गई है। कई लोग बाइक पर तीन-चार सवारियाँ बिठाते हैं या भारी सामान जैसे प्लाईवुड, दुकानों का थोक माल, और कनस्तर बाँधकर ले जाते हैं। लाखों रुपये की बाइक खरीदने की क्षमता रखने वाले लोग हजार रुपये का हेलमेट खरीदने से कतराते हैं।
यह लापरवाही केवल आदत का हिस्सा नहीं, बल्कि महंगाई और दो रुपये बचाने की लालच भी इसका कारण है। लोग सड़क पर विश्वस्तरीय सुविधाएँ तो चाहते हैं, लेकिन अपनी जिम्मेदारी निभाने में पीछे रहते हैं। बाइक पर अंधाधुंध सामान लादने और ओवरलोडिंग की प्रवृत्ति न केवल सवारों के लिए खतरनाक है, बल्कि सड़क पर अन्य लोगों के लिए भी जोखिम पैदा करती है।
स्थानीय प्रशासन को इस दिशा में सख्ती बरतने की जरूरत है। जागरूकता अभियान, नियमित चेकिंग, और दंडात्मक कार्रवाई से इस लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही, लोगों को भी अपनी और दूसरों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनना होगा। सड़क सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास और जागरूकता ही इस समस्या का समाधान है।

