सलमान रज़ा (अखंड राष्ट्र)
जौनपुर- उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित कोडीन कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट मामले में आज एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) श्वेता यादव और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन संगीत गौतम की अदालत में आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल को पेश किया गया। ड्रग विभाग के अधिवक्ता सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने मामले को अदालत के समक्ष रखा और भोला जायसवाल की हिरासत की मांग की ।
भोला जायसवाल को जौनपुर अदालत में शाम 4:30 बजे पेश किया गया। यह मामला कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध तस्करी से जुड़ा है, जिसमें शुभम जायसवाल को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। शुभम फिलहाल फरार है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उसे समन जारी किया गया है। ईडी ने गैर-जमानती वारंट और इंटरपोल नोटिस की चेतावनी भी दी है
इस सिंडिकेट में बड़े-बड़े नामों का खुलासा हो रहा है। जांच एजेंसियों ने पाया है कि फर्जी कंपनियां बनाकर कोडीन सिरप की बड़ी मात्रा में तस्करी की जा रही थी। इसके अलावा, वाहनों का एक विशाल नेटवर्क भी शामिल था, जिसके माध्यम से सिरप को उत्तर प्रदेश से अन्य राज्यों और यहां तक कि बांग्लादेश तक पहुंचाया जाता था।
मामले की शुरुआत नवंबर 2025 में हुई, जब पुलिस ने वाराणसी, गाजियाबाद और सोनभद्र जैसे जिलों में छापेमारी की और करोड़ों रुपये की कोडीन सिरप जब्त की।
राजनीतिक मोड़ लेते हुए, मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल भी तेज हो गया है। विपक्षी नेता मामले को राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष इसे संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण मानता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में शुभम जायसवाल समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत दी थी, लेकिन गिरफ्तारियों को रोकने से इनकार कर दिया।
भोला जायसवाल को नवंबर के अंत में कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ में उन्होंने अपने बेटे शुभम पर फर्जी बिलिंग का आरोप लगाया, लेकिन जांच एजेंसियां पूरे परिवार की संलिप्तता की जांच कर रही हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय की है, जिसमें हिरासत की अवधि पर फैसला हो सकता है।
यह मामला उत्तर प्रदेश में नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम कसने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

