स्वास्थ्य कर्मी दिखे नदारद,
जौनपुर । जिले के सुजानगंज प्रदेश भर के स्वास्थ्य केन्द्र में बना लापरवाही का केंद्र,
बताया जाता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जो किसी भी क्षेत्र के नागरिकों के लिए आपातकालीन चिकित्सा सुविधा का प्रमुख केंद्र होता है, आज बदहाली और लापरवाही का शिकार हो चुका है।
आज हाल ही में हुई एक घटना ने यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
बीते दिनों एक भयानक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों को जब एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तो उम्मीद थी कि उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार मिलेगा। लेकिन दुर्भाग्यवश, अस्पताल में डॉक्टर तक मौजूद नहीं थे,
लोग बताते हैं कि अक्सर नदारद ही रहते है, साम और रात्रि के समय, घायलों को यूँ ही एम्बुलेंस से उतारकर तड़पता हुआ छोड़ दिया गया। इलाज की आस में कराहते उन मरीजों की हालत देखकर हर संवेदनशील व्यक्ति का दिल कांप उठे।
यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि इस केंद्र की आम स्थिति बन चुकी है। यहां इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है, और जरूरतमंदों को दलालों के चंगुल में फँसाकर निजी अस्पतालों की ओर धकेल दिया जाता है। यह केंद्र अब स्वास्थ्य सुविधा का स्थान नहीं, बल्कि दलालों का अड्डा बन चुका है जहाँ गरीब और असहाय मरीजों की कोई सुनवाई नहीं होती।
प्रशासन को चाहिए कि वह इस लापरवाही की तत्काल जाँच कराए और दोषियों पर सख्त कार्यवाही हो। आम जनता का स्वास्थ्य उनके अधिकारों में आता है, और इस तरह की व्यवस्था जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ है। जनता अब चुप नहीं बैठेगी,अब समय आ गया है कि इस सिस्टम को जवाबदेह बनाया जाए, अब बड़ा सवालिया निशान लग रहा है कि कैसे स्वास्थ्य सेवा सही होगी जब योगी राज मे तह आलम है, लोगों का कहना है कि जिले की सीएमओ तो सिर्फ दिखावा की कार्यवाही करती हैं डर रहता तो सायद इस तरह की करतूतें सामने नही आती।

