विवेक कुमार उपाध्याय (अखंड राष्ट्र)
नौपेड़वा(जौनपुर) बक्शा कृषि विज्ञान केंद्र पर पाँच दिवसीय रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम दाल और दलहनों के मूल्यसंवर्धन विषय ओर आयोजित प्रशिक्षण के अंतिम दिन शुक्रवार को प्रशिक्षार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम की समन्वयिका डॉ. प्रगति यादव ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को दाल एवं दलहनों से बने विविध मूल्यवर्धित उत्पादों की निर्माण तकनीक सिखाना है जिससे वे घर पर ही छोटे पैमाने पर उद्यम की शुरुआत कर आत्मनिर्भर बन सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को विभिन्न प्रकार के नमकीन और मिठाई वर्ग के उत्पाद बनाने की जानकारी दी गई। इन उत्पादों की तैयारी में उपयोग होने वाली सामग्री का सही चयन, माप, मिश्रण, तलने-भूनने की उचित विधियाँ तथा स्वाद और गुणवत्ता बनाए रखने की तकनीक की जानकारी दी गई। वैज्ञानिक डॉ. प्रगति ने न केवल इन उत्पादों की गुणवत्ता बताई बल्कि स्वयं नमूने बनाकर प्रदर्शित भी किए। महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ इन व्यंजनों को स्वयं बनाकर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इस दौरान कई प्रतिभागियों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अब वे इन विधियों को घर पर पहुँच स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाएँगी। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। केंद्र के वैज्ञानिको ने कहा कि ऐसे रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल महिलाओं की कौशल वृद्धि में सहायक हैं बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और परिवार की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

