धनबाद: धनबाद नगर निगम में डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव से पहले लगातार बदलते सियासी समीकरणों ने प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जहां कुछ दिन पहले तक इस पद के लिए चार–पांच दावेदार मैदान में उतरने की चर्चा थी, वहीं अब हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि मुकाबला पार्षद अरुण चौहान और पार्षद मेनका सिंह के बीच सीधा हो सकता है।
नगर निगम के नवनिर्वाचित पार्षदों के बीच समर्थन जुटाने की कवायद लगातार जारी है। हर दिन पार्षदों का रुख बदलने से उम्मीदवारों की रणनीति भी बदल रही है। चार दिन पहले तक जो पार्षद अरुण चौहान के समर्थन में गोलबंद बताए जा रहे थे, उनमें से कुछ बुधवार देर रात मेनका सिंह के खेमे में नजर आए।
बताया जा रहा है कि बैंक मोड़ स्थित एक होटल में डिप्टी मेयर प्रत्याशी मेनका सिंह ने पार्षदों की बैठक बुलाई, जिसमें लगभग 25 से अधिक पार्षद शामिल हुए। बैठक में प्रमुख रूप से निसार आलम, मीनाक्षी सिंह, रेमा सिंह, देवाशीष पासवान, इम्तियाज अंसारी, समीदा बीवी, चंदन महतो और प्रियरंजन समेत कई पार्षद मौजूद थे। इनमें कुछ ऐसे पार्षद भी बताए जा रहे हैं जिन्हें अब तक अरुण चौहान के समर्थक खेमे का माना जा रहा था।
इधर मेनका सिंह ने चुनाव में “महिला कार्ड” खेलते हुए महिला पार्षदों को एकजुट करने की रणनीति अपनाई है। बुधवार की बैठक में 15 से अधिक महिला पार्षदों की मौजूदगी के साथ महिला डिप्टी मेयर बनाने का नारा भी दिया गया। कई महिला पार्षदों ने इस पर समर्थन का संकेत दिया है।
वहीं वार्ड नंबर 22 की पार्षद सुमन सिंह ने अचानक बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच डिप्टी मेयर चुनाव से खुद को अलग करने का फैसला कर लिया है। पहले चर्चा थी कि उन्हें सिंह मेंशन का समर्थन मिल सकता है, लेकिन नए हालात में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया।
अब सबकी निगाहें 18 मार्च को होने वाले डिप्टी मेयर चुनाव पर टिकी हैं। किस प्रत्याशी को पार्षदों का सबसे अधिक समर्थन मिलेगा, इसका फैसला चुनाव के दिन ही होगा। फिलहाल शहर की राजनीति में हर रात बदलते समीकरण प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ा रहे हैं।

