नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक चौंकाने वाली घटना में, छात्रों द्वारा परीक्षण के लिए उड़ाया गया एक ड्रोन संसद भवन की छत पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे हड़कंप मच गया। यह ड्रोन एक स्थानीय विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग छात्रों द्वारा बनाया गया था, जो इसे तकनीकी परीक्षण के लिए उड़ा रहे थे। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पांच छात्रों को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ड्रोन में कोई विस्फोटक या खतरनाक सामग्री नहीं थी, और यह घटना जानबूझकर नहीं की गई थी। हालांकि, संसद जैसे संवेदनशील क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं थी, जिसके कारण यह सुरक्षा चूक मानी जा रही है। नेपाल सरकार ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं और ड्रोन नियमों को और सख्त करने की बात कही है। इस घटना ने नेपाल में ड्रोन तकनीक के उपयोग और सुरक्षा नियमों पर बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों और नेताओं ने इसे लापरवाही का परिणाम बताया, जबकि कुछ ने छात्रों की मंशा पर सवाल उठाए। इस बीच, विश्वविद्यालय प्रशासन ने माफी मांगी और कहा कि यह एक शैक्षणिक प्रयोग था जो अनजाने में गलत दिशा में चला गया। यह घटना नेपाल में ड्रोन प्रौद्योगिकी के नियमन पर नए सिरे से विचार करने का अवसर प्रदान करती है।

